एटा। पुरानी पेंशन बहाली और सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को मंजूरी देने के लिए की गई दो दिवसीय हड़ताल बुधवार को जारी रही। कर्मचारियों ने हड़ताल के जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यालयों के तालें तक नहीं खुले।
उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के नेतृत्व में पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी धरना जारी रखा। उप्र लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष इशरत अली खां ने बताया है कि प्रांतीय खंड परिसर में सभी कर्मचारियों द्वारा कार्य बहिष्कार करते हुए हड़ताल की गई है। एसोसिएशन के साथ इंजीनियर महासंघ, कंप्यूटर ऑपरेटर वेलफेयर, नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के समस्त सदस्य शामिल रहे। इस मौके पर कंप्यूटर ऑपरेटर वेलफेयर उपाध्यक्ष सुशील चंद्र उपाध्याय, रंजीत सिंह, रामबरन, प्रमोद कुमार, सुभाष चन्द्र, साहब सिंह, आमिर अली, मनोज कुमार, फराक वसी, अंकुर सक्सेना, अनिल कुमार, जितेन्द्र सिंह मौजूद रहे।
समान काम का हो समान वेतन
प्रांतीय नेतृत्व में अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ एटा मंडल के सभी वर्गों ने मिलकर दूसरे दिन हड़ताल जारी रखी। जिसमें मंडल सचिव तरुण प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि सरकार को समान काम का समान वेतन सुनिश्चित करना चाहिए। इस मौके पर भूपेंद्र सिंह चौहान, नरेंद्र कुमार, राम प्रकाश, विपिन शर्मा, मुरारी लाल, विनोद सोलंकी, प्रेम कुमार, रामकिशन, ग्रीश चंद्र दीक्षित आदि मौजूद रहे।
मृतक आश्रित योजना ग्रामीण बैंक में लागू हो
दूसरे दिन की हड़ताल ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त परिसर में रखी गई। यहां पर एमसी यादव की अध्यक्षता में अधिकारी और कर्मचारियों ने राष्ट्रीय संगठन के आह्वान पर तालाबंदी करके हड़ताल रखी। जिसमें मृतक आश्रित योजना ग्रामीण बैंक में भी लागू किए जाने की मांग की। इस मौके पर आरके गुप्ता, राजन सिंह, उमेश यादव, सुरेंद्र कुमार, सुनील जायसवाल, जीसी जैन, संजीव गोयल, ईश्वर शरण चक, आरपी सिंह, महेश चन्द्र, सत्यपाल, अनुज यादव, सुरेन्द्र यादव, सुनील यादव, राजेश मीणा, सुमित प्रजापति, राजाराम यादव आदि मौजूद रहे। वहीं केनरा बैंक में हड़ताल करने वालों में अंकित यादव, विकास कुमार, अर्पित चौहान, आकाश, विमल आजद मौजूद रहे।
राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष का होना जरूरी
भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों ने अलीगढ डिवीजन इंश्योरेंस इम्पलॉइज एसोसिएशन के बैनर तले दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी। जिसमें असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा कानून बनाया जाने पर जोर दिया गया। इस मौके पर दिलीप वर्मा, उमेश मिश्रा, ओमकार, संजीव गुप्ता, रनवीर सिंह, जेपी सिंह, अरूण भटेले , विवेक कुमार कैथिया आदि मौजूद रहे।
सरकारी बिजली घरों को बंद करने की नीति समाप्त हो
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत नगरीय वितरण खंड कार्यालय के सामने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही। जिसकी अध्यक्षता कर रहे जंट सिंह यादव ने कहा कि सरकारी क्षेत्र के बिजली घरों का नवीनीकरण किया और सरकारी बिजली घरों को बंद करने की नीति समाप्त होनी चाहिए। इस मौके पर विजय शंकर, अमित कुमार, अभय प्रताप, सोनू कुमार, योगेश कुमार मौल्या, संजय शर्मा, महेश चन्द्र, विनोद कुमार, लोकेेंद्र प्रताप, पवन कुलश्रेष्ठ, दिन सिंह वर्मा, रामनिवास, प्रेमपाल सिंह, सूर्यकांत दुबे आदि मौजूद रहे।
हड़ताल से बैंक रहीं बंद, विभागों में नहीं हुआ काम
कासगंज। सरकार की नीतियों के विरोध में दूसरे दिन भी हड़ताल का असर रहा। बैंक कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मेडिकल रिप्रजेंटेटिव, मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन इरिगेशन डिपार्टमेंट सहित अन्य विभागों के कर्मी हड़ताल में शामिल हुए। इससे इन विभागों के काम काज पर असर देखा गया।
83 बैंक शाखाओं नर लटके रहे ताले
हड़ताल के चलते 83 बैंक शाखाओं ताले लटके रहे। हड़ताल से 15 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हो गया। बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहने से ग्राहकों को काफी दिक्कतें हो गई।
केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में दूसरे दिन भी 53 राष्ट्रीयकृत तथा 32 ग्रामीण बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। इन बैंक शाखाओं के एटीएम तक नहीं खुले। जिससे ग्राहकों को काफी दिक्कतें हो गई। कारोबारियों को अपने चेक क्लीयरेंश को डालने हैं वहीं तीन दिन पहले डाले गए चेक का भुगतान भी अभी तक नहीं हो सका है। लगातार दो दिन की हड़ताल का काफी असर देखा गया। बड़ी संख्या में ग्राहक हड़ताल से परेशान हुए। लोगों के सामने नकदी का संकट भी पैदा हो गया।
आंगनबाड़ियों को दिया जाए 21 हजार मानदेय
कासगंज। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी हड़ताल के दूसरे दिन भी प्रभु पार्क में धरना दिया। धरने के दौरान नियुक्ति तिथि से सरकारी दर्जा दिए जाने, 21 हजार रुपये वेतन दिए जाने, रिटायरमेंट पर 6000 रुपये पेंशन दिए जाने, मानदेय में की गई वृद्धि की राशि खाते में भेजे जाने, आईसीडीएस योजना का निजीकरण बंद किए जाने, सहित अन्य मांगे रखीं। जिला अध्यक्ष राधारानी, रीना कुमारी, वविता, नरायनी देवी, ऊषा, रजनी गौतम, राधा देवी शशी वाला, मंजूवाला, अनीता देवी, मिथलेश, मुनीषा देवी, शकुंतला देवी, आराधना, सुमन कुमारी, गीता देवी, शेषवती, सुषमा रानी, प्रेमवती, गायत्री देवी आदि मौजूद रहे।
ठेका प्रथा की जाए बंद
कासगंज। उत्तरप्रदेश मेडिकल काउंसिल के आह्वान पर मेडिकल रिप्रजेंटिव दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के बाद जुलस निकाल कर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। एमआर ने न्यूनतम वेतन क़ानून में संशोधन करते हुए इसे सबके लिए लागू किए जाने, न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाने, स्थाई कामों के लिए ठेका प्रथा बंद करने, बोनस एवम प्रोविडेंट फंड की अदायगी पर से सभी बाध्यता सीमा हटाए जाने, ग्रेच्युटी का भुगतान 45 दिन प्रतिवर्ष के हिसाब से किए जाने आदि मांगें रखीं। इस दौरान अध्यक्ष प्रदीप यादव, राजेश वशिष्ठ, केके सक्सेना, आतिफ खान, विकास पाठक, गंगेश वाष्र्णेय, ाहुल खरे,शाहिद खान, दीपक बाब, उदय चौहान, आशीष सक्सेना, अवधेश ठाकुर, अदनान खान, दानिश खान रहे।
पुरानी पेंशन की जाए बहाल
कासगंज।मिनिस्टीरियल एसोसिएशन इरिगेशन डिपार्टमेंट ने सिंचाई विभाग कार्यालय पर धरना दिया। धरने के दौरान पुरानी पेंशन बहाली, सातवें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये किए जाने सहित अन्य मांगें रखीं। इस दौरान जिला अध्यक्ष महेश चंद्र यादव, मंत्री बहोरन सिंह, संदीप कुमार, अमित सक्सेना, पंकज कुमार, संतोष कुमार, नवीन कुमार, जुनेइं मियां, अभय कुमार वर्मा, नेहा चौहान, मौ. नफीस खान, अवधेश कुमार, नीरज कुमार, अजीत पाल सिंह, किशन पाल, अमित कुमार गुप्ता, जुगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।