मथुरा। महापौर और नगर आयुक्त की कार्यप्रणाली से खफा भाजपा पार्षदों ने मंगलवार को नगर निगम में महापौर और नगर आयुक्त का घेर लिया। इसके बाद पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। दोनों अधिकारियों को खूब खरीखोटी सुर्नाई। महिला पार्षदों ने दोनों को चूड़ियां तक दिखाईं।
मामला खींचातानी तक पहुंच गया। पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम ने महानगर को ओडीएफ घोषित कर दिया है मगर वास्तव में हुआ कुछ नहीं। आरोप यह भी है कि ओडीएफ की फाइल पर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर लिए गए। विकास कार्य न होने का भी आरोप लगाया। हंगामा कर रहे पार्षदों ने दोनों अधिकारियों को तीन घंटे तक घेरे रखा। पुुलिस पहुंचने के बाद ही उनके तेवर ढीली पड़े, हालांकि महिलाओं ने पुलिस से भी झड़प की, घेराव कर नारेबाजी भी की।
भाजपा पार्षदों और नगर आयुक्त के बीच चल रही तनातनी मंगलवार को हंगामे के रूप में सामने आई। वार्ड 50 की पार्षद रश्मि शर्मा 8-10 महिलाओं के साथ ओडीएफ में भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर नगर आयुक्त समीर वर्मा से मिलने पहुंची थीं। उनके आरोपों से भड़के नगर आयुक्त ने पुलिस को बुला लिया। इस दौरान महापौर डा. मुकेश आर्य बंधु भी वहां पर पहुंच गए। पुलिस के पहुुंचने की सूचना पर भाजपा पार्षद भी वहां आ गए।
इसके बाद भाजपा पार्षदों ने नगर आयुक्त को उनके ही कार्यालय में तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। खूब खरी खोटी सुनाई। ओडीएफ में तथा अन्य विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। आरोपों से तिलमिलाए नगर आयुक्त ने जब विरोध किया तो खींचातानी की नौबत आ गई। नगर आयुक्त ने सीओ सिटी विजय शंकर मिश्रा और सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार को बुला लिया।
उनकी मौजूदगी में शांतिपूर्वक वार्ता का प्रयास भी हुआ लेकिन एक बार फिर से पार्षदों ने नगर आयुक्त पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए शोर शराबा और नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बढ़ते देख कोतवाली पुलिस ने पार्षदों पर वहां से हटने के लिए दबाव बनाया। इसके बाद गुस्साए पार्षदों ने नगर आयुक्त कार्यालय की गैलरी में बैठकर नारेबाजी की तथा बाद में मुख्य अभियंता के कार्यालय में जम गए।
घेराव करने वालों में उपसभापति हेमंत अग्रवाल, राजेश पिंटू, दीपक गोला, राजीव राज पाठक, मेघश्याम ,मनोज पचौरी, गंभीर सिंह, श्वेता शर्मा, रश्मि शर्मा, मीरा अग्रवाल, मीरा मित्तल, विनोद भारद्वाज, संजय धनगर, चंद्रभान, ऋचा चतुर्वेदी, नीलम गोयल, प्रेम चंद, कुलदीप चौधरी, राम कृष्ण पाठक, मूलचंद गर्ग के अलावा कई पार्षद पति भी शामिल थे।
कुछ पार्षदों ने निजी स्वार्थ में किया हंगामा
यह हंगामा कुछ पार्षदों षड़यंत्र है। सभी भाजपा पार्षद इसमें शामिल नहीं हैं। उन्होंने निजी स्वार्थ के चलते ऐसा किया। पार्षदों की समस्याओं को शीघ्र ही हल कराया जाएगा । निगम के पास जितने संसाधन हैं उनमें कार्य कराए जा रहे हैं।
समीर वर्मा, नगर आयुक्त
हमारा परिवार है हम समझा लेंगे
सभी पार्षद नगर निगम परिवार के सदस्य हैं। हो सकता है किन्हीं पार्षदों की शिकायत हो हम उनकी शिकायत दूर कर लेंगे। उनको समझाने का प्रयास करेंगे।
डा. मुकेश आर्य बंधु, महापौर