फिरोजाबाद। नवरात्र के दूसरे दिन गुरुवार को देवी चंद्रघंटा की आराधना हुई। देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। मंगला दर्शन को तड़के से ही प्रमुख देवी मंदिरों वैष्णोदेवी धाम एवं राज राजेश्वरी कैलादेवी मंदिर में भक्तों का रैला उमड़ रहा है।
गुरुवार को सुर और संगीत की आद्य शक्ति देवी चंद्रघंटा की पूजा अर्चना हुई। तड़के से ही देवी भक्तों का काफिला माता के जयकारों के साथ प्रमुख देवी मंदिरों की ओर रूख करता दिखा। महिला-युवतियां एवं देवी भक्त मंगला दर्शन के लिए टोली बना भजन-कीर्तन करते हुए मंदिरों तक पहुंचे।
राज राजेश्वरी कैला देवी मंदिर एवं वैष्णोदेवी धाम के अतिरिक्त पथवारी माता मंदिर प्रांगण में भक्ति-भाव से सराबोर महिलाएं व युवतियां भजनों पर नृत्य कर रही थीं। सुबह शृंगार आरती के उपरांत हाथ में रोली, प्रसाद एवं धूप-दीपक की थाली थामे माता के भक्त मंदिरों में पूजा अर्चना में तल्लीन दिखाई दिए।
नवरात्र के अवसर पर फरिहा, कोटला में स्थित देवी मंदिरों और पंडालों में देवी भक्तों का तांता लगा हुआ है। कठफोरी स्थित सेमरा, बछैला में स्थापित देवी पंडालों में सुबह से शाम तक भजन-कीर्तन एवं अनुष्ठान आदि कार्यक्रम संपन्न कराए जा रहे हैं।
अटूट आस्था का केंद्र है चंद्रवार गेट स्थित पथवारी माता मंदिर
नगर के लाइनपार क्षेत्र अंतर्गत चंद्रवार गेट पुल के समीप लगभग चार दशक पूर्व निर्मित पथवारी माता का मंदिर माता के भक्तों की अटूट आस्था का केंद्र है। नवरात्र में मंदिर पर प्रतिदिन हजारों भक्त माता की पूजा अर्चना कर खुद को कृतार्थ करते हैं। लाइन पार क्षेत्र में लगभग चालीस वर्ष पूर्व पथवारी माता मंदिर की स्थापना हुई। चंद्रवार गेट रेलवे पुल के समीप स्थापित माता दुर्गा का यह मंदिर से सर्व समाज के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। मंदिर में स्थापित दुर्गा देवी की शक्ति और चमत्कार से जुड़ीं कई किवदंतियां देवी भक्तों की आगाध श्रद्धा को बढ़ाती है।
पथवारी मंदिर में स्थापित माता दुर्गा की प्रतिमा सर्व सिद्धि प्रदान करने वाली है। निश्चल भक्ति भाव से माता के दर्शन व अर्चना करने वाले देवी भक्तों की मनोकामना मातारानी अवश्य पूर्ण करती हैं।
पंडित रामनंद महंत