मैनपुरी। जिले में संक्रामक बीमारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बुखार से पीड़ित मरीजों की लगातार मौत हो रही है। बुखार से पीड़ित दो और मरीजों की जिला अस्पताल में मौत हो गई। मंगलवार को जिला अस्पताल में रिकार्ड मरीज पहुंचे। यहां बेड कम पड़ गए तो गैलरी में 10 अतिरिक्त और बेड डलवाए गए।
जिला पूरी तरह से बुखार की चपेट में है। वायरल बुखार से पीड़ित होकर लगातार मरीजों की मौत हो रही है। जिले में केवल वायरल फीवर ही नहीं बल्कि डेंगू और मलेरिया से भी मरीजों की मौत हो रही है। थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव अजीतगंज निवासी हरिश्चंद्र श्रीवास्तव की पांच वर्ष की पुत्री खुशबू को सोमवार को बुखार आया था।
हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव नगला गोवर्धन निवासी 70 वर्षीय रामजीत को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। मंगलवार को हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीजों के सारे रिकार्ड टूट गए। जिला अस्पताल में जहां मंगलवार को 1391 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। वहीं, 65 मरीजों को भर्ती कराया गया। 12 मरीजों को गंभीर हालत देखते हुए मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया गया।
जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी तो एक बेड पर दो-दो मरीज लिटाए गए। इसके बाद भी काम नहीं चला तो वार्ड की गैलरी में ही 10 बेड और डाले गए। सीएमएस डॉ. आरके सागर के निर्देश पर अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था की गई।
जिले में बुखार के मरीजों की संख्या हावी है। जिसे देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी डॉक्टरों को रात में भी अस्पताल में ही निवास के निर्देश दिए गए हैं। एएनएम और आशाओं को भी सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ