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गोरखनाथ मठ का जिले रहा है पुराना नाता

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गोरखनाथ मठ का जिले रहा है पुराना नाता - फोटो : अमर उजाला
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एटा। मुख्यमंत्री आदित्य नाथ एवं उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ का जिले से पुराना नाता रहा है। पांच दशक पूर्व महंत अवैधनाथ के गौरक्षा आंदोलन के समर्थन में तत्कालीन अलीगंज विधायक ठा.लोकपाल सिंह दिल्ली की तिहाड़ जेल ही नहीं गए वरन उनके समर्थन में विधानसभा से स्तीफा देने वाले पहले विधायक थे।
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गोरखनाथ मठ की आस्था की जड़े अलीगंज तहसील क्षेत्र के गांव लुहारी खेड़ा में दशकों पुरानी हैं। पांच दशक पूर्व मठ द्वारा शुरू किए गए गौरक्षा आंदोलन में इस गांव के लोगों ने जहां स्थानीय स्तर पर आंदोलन किए। वहीं यहां के निवासी एवं तत्कालीन विधायक ठा.लोकपाल सिंह ने महंत अवैद्यनाथ के साथ प्रदेश व्यापी आंदोलन किए। विधायक के भतीजे एवं पटियाली के पूर्व विधायक रज्जनपाल सिंह चौहान के अनुसार अवैद्यनाथ के आंदोलन के सारथी रहे ताऊजी (लोकपाल सिंह) महंत जी के साथ दो माह तिहाड़ जेल भी रहे थे। इतना ही नहीं 1966 में उनके साथ विधानसभा की सदस्यता से भी स्तीफा दिया था। अवैद्यनाथ के अलावा विधानसभा से स्तीफा देने वाले वे एकमात्र विधायक थे। इसके बाद गोरखनाथ मठ से इस परिवार की नजदीकिंया बनी रहीं। योगी समर्थकों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विश्व हिंदू परिषद के अलावा योगी द्वारा संचालित विश्व हिंदू महासंघ व हिंदू युवा वाहिनी आज भी संचालित है।

2005 में एटा आए थे योगी, 2015 में रोका गया
2005 में सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित घर वापिसी कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि योगी आदित्यनाथ थे। हिंदू महासंघ के सुशील गुप्ता के अनुसार 25 दिसंबर 2015 को जिले में प्रस्तावित एक कार्यक्रम में आमंत्रित योगी को तत्कालीन प्रदेश सरकार के निर्देश पर रोक दिया गया था।
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