मिरहची/एटा। कश्मीर के हालातों और मौसम के चलते सरकार ने अमरनाथ यात्रा रोक दी है। ऐसे में जिले के 48 श्रद्धालु अमरनाथ में फंस गए हैं। कश्मीर में खराब मौसम के चलते श्रद्धालुओं से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इधर, यात्रा को गए श्रद्धालुओं के परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।
दो जुलाई को मिरहची से बाबा बर्फानी के दर्शन को 37 शिव भक्तों का जत्था रवाना हुआ था। भगवान के दर्शन को सभी भक्त श्रद्धाभाव के साथ यात्रा करते हुए बालटाल तक पहुंच गए। अमरनाथ दर्शन को गए यात्री सोमेंद्र गुप्ता ने फोन पर बताया कि भारी बारिश के चलते अमरनाथ मार्ग पर पहाड़ों से पत्थर गिर गए हैं। जिसमें तमाम श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। ऐेसे में यात्रा रोक दी गई है। लगातार तीन दिन इंतजार के बाद भी यात्रा शुरू नहीं हो सकी। अब बुरहानवानी की बरसी के चलते यात्रा पर रोक है। ऐसे में वापस लौट रहे हैं। मेरे साथ गए सभी 37 यात्री सुरक्षित हैं। कटरा तक आ गए हैं। जल्द ही एटा पहुंच जाएंगे।
दर्शन को गए अन्य श्रद्धालु यात्री पूर्व प्रधान बौबी साहू की बेटी रूबी ने बताया कि उनकी पिता से शुक्रवार रात को बात हुई थी। उन्होंने बताया कि वे बालटाल पर हैं। बालटाल में भारी बारिश हो रही है। जिसके चलते वे बाबा के दर्शन को आगे नहीं बढ़ सके हैं। रूबी ने बताया कि पिता के साथ उनकी मौसी के बेटे सचिन भी हैं। सब लोग सही हैं। पिता ने बालटाल से बिना दर्शन लौटने की जानकारी दी है। साहू की पत्नी कमला देवी ने बताया कि पति हर वर्ष अमरनाथ यात्रा को जाते हैं। यह पहला मौका है जब उन्हें बिना दर्शन किए लौटना पड़ रहा है। उधर, अमर नाथ यात्रा को गए अन्य यात्रियों के परिजन भी चिंतित हैं और भगवान से यात्रियों के सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।