फसलों की बर्बादी देखकर सदमे से हृदयाघात के कारण मौत का शिकार हुए सैलई के किसान उदयवीर का परिवार उनकी मौत से टूट चुका है। उदयवीर मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार के पोषण में जुटा हुआ था। मृतक किसान को अपनी बेटी की शादी की चिंता थी। इसलिए वह जमीन पट्टे पर लेकर खेती करती था, जिससे बेटी के हाथ पीले हो जाएं।
उदयवीर के 4 बच्चे हैं। इसमें बड़ा बेटा सोनू 28 वर्ष का है जिसकी शादी हो चुकी है। जबकि सोनू से छोटी उसकी बहन पिंकी है जिसकी उम्र भी करीब 25 वर्ष की है जिसके विवाह की चिंता उदयवीर को थी। पिंकी के लिए लड़के की तलाश कर रहा था। उसका मानना था कि इस बार गेहूं आदि की अच्छी फसल होने पर वह पिंकी की शादी ठीक से कर देगा, लेकिन फसलों की बर्बादी ने उसका यह सपना तोड़ दिया।
फसलों की बर्बादी देखकर उसे गहरा आघात लगा जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सका। उसका तीसरा बेटा बाबू एवं एक अन्य पुत्री भारती 18 वर्ष की है। बेटे सोनू ने बताया कि उसके पिता ने 18 बीघा खेती पट्टे पर ली थी। पट्टे की रकम चुकाने के लिए उसने बैंक से भी ऋण लिया था और अन्य लोगों से भी उधार लिया था। यह पैसा चुकाने की चिंता पिता को थी। सोनू ने कहा कि पिता की मौत के साथ ही सब बर्बाद हो गया। उदयवीर के पूरे परिवार का हाल बेहाल नजर आया।