एटा। राजकीय जिला कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी (एटा महोत्सव) में रविवार दोपहर डीआरजी का पुनर्बोधात्मक प्रशिक्षण आयोजित हुआ। जिलाधिकारी अमित किशोर ने कहा कि आदर्श ग्राम पंचायत की स्थापना करने के लिए ग्राम स्तरीय कर्मचारियों, ग्राम प्रधान का सहयोग अपेक्षित होना चाहिए। ग्रामीणों से परस्पर संवाद, योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता होनी चाहिए।
विकास खंड सकीट, निधौलीकलां, अलीगंज, मारहरा के ग्राम विकास अधिकारियों, ग्राम पंचायत अधिकारियों, ग्राम प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी ग्राम पंचायतों को ऑडिट समय से होना चाहिए, अभी तक सिर्फ 244 ग्राम पंचायतों को ऑडिट हुआ है। डीएम ने कहा कि ग्राम पंचायत के सार्वजनिक स्थान पर सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की सूची, स्वीकृत कार्य योजना की वालराइटिंग, पेंटिंग भी कराई जाए।
सभी ग्राम पंचायतें सुनिश्चित करें कि पंचायत क्षेत्र में स्थित विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं की कमी न हो। सीडीओ उग्रसेन पांडेय, डीडीओ एसएन सिंह कुशवाह, पीडीडीआरडीए अजय कुमार पांडेय, डीएसओ उमेश मिश्र, जिला समाज कल्याण अधिकारी शिव कुमार, डीसी मनरेगा पीसी यादव, डीपीआरओ धनंजय जायसवाल, ललित शर्मा आदि ने भी संबोधित किया। बीडीओ ज्ञान सिंह, राम सिंह अहिरवार, बीएस चौहान आदि मौजूद रहे।