एटा। जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) का कार्य लाइन पर आने लगा है। शुरू में परेशान कारोबारी अब प्रक्रिया में सहयोग दे रहे हैं। जुलाई माह में कंपाउंड कर दाताओं के अतिरिक्त अधिकांश ने रिटर्न दाखिल कर दिया है। वहीं अगस्त माह में 1292 कारोबारियों ने रिटर्न भरा है।
अब कारोबारी जीएसटी प्रक्रिया के साथ आने लगे हैं। अब वे समय से कर जमा नहीं कर रहे वरन रिटर्न भी दाखिल कर रहे हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिले में पंजीकृत 5500 से अधिक व्यापारियों में से कंपाउंड कर वाले 800 व्यापारियों को छोड़कर 90 प्रतिशत से अधिक ने जुलाई माह का रिटर्न दाखिल कर दिया। जबकि अगस्त माह में 1292 व्यापारियों ने ई रिटर्न दाखिल कर दिया है।
क्या है कंपाउंड रिटर्न ?
समाधान योजना में आने वाले अथवा सीधे कुल टर्न ओवर पर कर देने वाले व्यापारी कंपाउंड कर दायरे में आते हैं। मासिक रिटर्न में छूट के चलते इन्हें तिमाही रिटर्न दाखिल करना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार छोटे व्यापारियों को कंपाउंड टैक्स योजना से खासा लाभ रहता है। जिले में 800 से अधिक कंपाउंड टैक्स लाभार्थी हैं।
जीएसटी काउंसिल के नये आदेशों से व्यापारियों को राहत मिली है। जागरूक जनपदीय व्यापारी भी नई प्रक्रिया समझ रहे हैं। अब उन्हें कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे। घर बैठे ई रिटर्न दाखिल कर रहे हैं।
---संजय मल्होत्रा, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर