एटा। शिक्षक पात्रता परीक्षा सीसीटीवी के साये में होगी। हर केंद्र पर दो-दो पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। चार सेक्टर एवं दो जोनल मजिस्ट्रेट के अलावा सचल दल केंद्रों पर निगरानी करेंगे।
जिले के 11 केंद्रों पर प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। तीस परीक्षार्थियों पर दो कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है। कलक्ट्रेट सभाकक्ष में केंद्र व्यवस्थापकों-पर्यवेक्षकों की बैठक में एडीएम एमसी शर्मा ने कहा कि सीसीटीवी के साये में होने वाली परीक्षा पूरी तरह से नकल विहीन एवं पारदर्शी होगी। आंतरिक व्यवस्थाओं पर केंद्र व्यवस्थापक एवं पर्यवेक्षक नजर रखेंगे। वहीं बाह्य व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त पुलिस फोर्स केंद्रों एवं शहर के प्रमुख स्थानों पर रहेगा। बहुसंख्यक शिक्षामित्रों की प्रतिभागिता के चलते परीक्षाएं संवेदनशील हैं। इस बार परीक्षार्थियेां को बीएड-बीटीसी के किसी भी सेमेस्टर का मूल अंकपत्र एवं आईडी प्रूफ भी दिखाना होगा। डीआईओएस एसपी यादव ने कहा कि निर्धारित समय से दस मिनट से अधिक विलंब से पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों को भी केंद्र पर मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। बता दें कि सुबह की पाली में प्रस्तावित प्राथमिक परीक्षा में नौ केंद्रों पर 4703 एवं उच्च प्राथमिक परीक्षा में 11 केंद्रों पर 5995 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
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...जब परीक्षा नियामक ने लौटाई कापियां
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम एमसी शर्मा ने केंद्र व्यवस्थापकों एवं पर्यवेक्षकों को गंभीरता से परीक्षा कराने के निर्देश दिए। अधिकांश प्रधानाचार्यों द्वारा कुशलता एवं खासे अनुभव का दावा करने पर एडीएम ने कहा कि पूर्व में आंशिक लापरवाही के चलते जिले से भेजी गईं उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षा नियामक द्वारा लौटा दी गई थीं।
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नहीं पहुंचे आधा दर्जन प्रधानाचार्य
आदेश के बाद भी आधा दर्जन स्कूलों के प्रधानाचार्यों के न पहुंचने पर एडीएम एवं डीआईओएस ने नाराजगी जताई। निर्देश के बाद भी अधिकांश इंगलिश मीडियम स्कूलों के प्रधानाचार्य बैठक में शामिल नहीं हुए। इनके प्रतिनिधि को देखकर एडीएम ने प्रधानाचार्यों के न आने का कारण पूछा।