मथुरा। अनाज मंडी परिसर में चल रहे धरना-प्रदर्शन को लेकर प्रशासन की बेरुखी व्यापारियों को खल रही है। अब जबकि इस आंदोलन में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हो गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज करने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की गई है। इधर लगातार चौथे दिन मंडी में धरना-प्रदर्शन जारी रहा।
मथुरा व्यापार समिति और उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों की संयुक्त वार्ता में व्यापारियों ने अवगत कराया कि पांच अगस्त को जिले की कोसीकलां, सौंख, राया, गोवर्धन मंडियों के पदाधिकारियों को बुलाया गया है। छह अगस्त को सभी मंडियां बंद रखकर व्यापारी धरना-प्रदर्शन में भाग लेंगे।
नौ अगस्त को व्यापारी जीएसटी कार्यालयों पर जाकर प्रदर्शन करेंगे। 10 अगस्त को सभी मंडियों में काले झंडे लगाए जाएंगे। 11 को आंदोलन की समीक्षा कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इस दौरान व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष अजय चतुर्वेदी, महामंत्री अंशुल अग्रवाल, कृष्ण मुरारी खंडेलवाल, देवेंद्र मित्तल, राधाचरन, दीनदयाल अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
4 दिन में 10 करोड़ का कारोबार ठप
मथुरा। अनाज मंडी बीते चार दिनों से बंद पड़ी है। इसके चलते करीब 10 करोड़ रुपये का करोबार प्रभावित हुआ है। जिले के दूर-दराज से अपनी कृषि उपज बेचने के लिए आने वाले किसान दर-दर भटक रहे हैं। किसानों को मजबूरी में पड़ोसी राज्यों की मंडियों में जाना पड़ रहा है। वहीं मंडी बंद होने से यहां काम करने वाले मजदूरों के चूल्हे भी ठंडे पड़ गए हैं। मंडी में करीब 250-300 मजदूर काम करते हैं। अब जबकि मंडी बंद है तो बिहार और अन्य राज्यों के मजदूर अपने-अपने घरों या दूसरे राज्यों की मंडियों की ओर रुख करने लगे हैं।