भाजपा के सांसद-विधायक में तनातनी
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एटा। मंगलवार को जैथरा के नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज में भाजपा दो फाड़ नजर आई। फर्रुखाबाद सांसद और अलीगंज विधायक ने अलग-अलग चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी। बताया जाता है कि सांसद ने कई बार विधायक को बुलाया लेकिन वह नहीं आए।
फर्रुखाबाद से भाजपा सांसद मुकेश राजपूत और अलीगंज विधायक सत्यपाल सिंह राठौर बीच अंदर खाने चल रही तनातनी मंगलवार को सतह पर नजर आई। जैथरा के नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज में दोनो नेता चौपाल लगा कर लोगों की समस्याएं सुनने पहुंचे। एक स्कूल के एक कोने में सांसद ने चौपाल लगा कर लोगों की समस्याएं सुनते नजर आए तो इसी स्कूल के दूसरे कोने में विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने अपनी अलग चौपाल लगाए समस्याएं सुनी।
सांसद की चौपाल में जब पूर्व जिला अध्यक्ष जयप्रकाश पांडेय, डा. बृजेंद्र सिंह और आरएसएस कार्यकर्ता ने बिजली के फर्जी मुकदमों का मुद्दा उठाया। बाद में वहां बैठे अन्य फरियादियों ने फर्जी मुकदमों को लेकर सांसद को खूब खरीखोटी सुनाते हुए प्रदर्शन किया। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो हंगामा होने पर संासद ने विधायक के पास अपनी चौपाल में आकर बैठने का संदेश भिजवाया, लेकिन विधायक ने सांसद की ओर मुड़कर भी नहीं देखा और न ही सांसद की चौपाल में गए। खास बात यह है कि नेताओं की चौपाल बिरादरी में बंटी नजर आई।
बिरादरियों में बंटी चौपाल
सांसद मुकेश राजपूत के पास 80 प्रतिशत लोधे बिरादरी के फरियादी आए तो विधायक पास ज्यादातर फरियादी ठाकुर बिरादरी के पहुंचे। एक स्कूल में एक ही पार्टी के दो नेताओं की अलग-अलग चौपाल और सांसद की चौपाल में हंगामा जैथरा कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कब आई खटास
माना जा रहा है कि दोनो के संबंधों में खटास तब आई तब एक महीने पहले विधायक ने किसी लोधी बिरादरी के फरियादी से फोन पर सांसद से अपनी बिरादरी के गांवों में विकास कार्य कराने और अपनी विकास निधि से अपनी बिरादरी के गांवों में विकास कराने की बात कही थी। विधायक सत्यापाल सिंह का ऑडियो वायरल होने पर मामला अलीगंज में चर्चा का विषय बन गया था।