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बैक डेट में अब जमा नहीं होंगे असलाह

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पिस्तौल
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एटा। बैक डेट में असलाह जमा करने के खेल पर अंकुश लग गया है। लाइसेंसधारक को असलाह जमा करने से पूर्व सौ रुपये का चालान शुल्क बैंक में जमा करना होगा। चालान दिखाने के बाद ही शस्त्र दुकान पर जमा हो सकेगा।
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शस्त्र जमा करने की बदली प्रक्रिया शस्त्र व्यवसायियों पर भारी पड़ रही है। अब सुविधा शुल्क की दम पर पूर्व की भांति मनचाहे तरीके से असलाह जमा नहीं किए जा सकेंगे। पिछली तारीख तो दूर अब उन्हें करंट डेट में भी शस्त्र जमा करने से पूर्व सरकारी शुल्क का चालान दिखाना होगा। इस चालान की वैधता भी एक दिन की होगी। ऐसे में लाइसेंस धारक को उसी दिन शस्त्र जमा करना होगा।

नई शस्त्र नियमावली में शस्त्र जमा करने की प्रक्रिया में बदलाव हो गया है। अब पूर्व की भांति असलाह दुकानों पर जमा नहीं होंगे। नए निर्देशों के अनुसार शस्त्र जमा करने से पूर्व लाइसेंस धारक को सौ रुपये का शुल्क चालान के माध्यम से सरकारी कोष में जमा करना होगा। शस्त्र व्यवसायी चालान को देखकर ही शस्त्र जमा कर सकेंगे। चालान एवं असलाह की सूचना 24 घंटे में जिलाधिकारी कार्यालय को भी देनी होगी। बता दें कि पूर्व में आरोपी शस्त्र कारोबारियों से सांठगांठ कर अपने असलाहों को बैक डेट में जमा दिखाकर न्यायालय से राहत पा लेते थे। वहीं शस्त्र व्यवसायी इतने काम के लिए लाखों के वारे न्यारे करते थे। बता दें कि जिले में 70 से अधिक शस्त्र दुकानें एवं 32 हजार से अधिक शस्त्र लाइसेंस हैं।
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क्या थी पूर्व प्रक्रिया?
पूर्व प्रक्रिया में शस्त्र धारक कभी भी शस्त्र दुकानों पर असलाह जमा कर सकते थे। इसका लाभ आरोपी वारदातों को अंजाम देकर शस्त्र विक्रेताओं से सांठगांठ कर बैक डेट में असलाह जमा कर देते थे। इससे आरोपी को न्यायालय में राहत मिल जाती थी। इसके लिए शस्त्र व्यवसायी मुंहमांगी रकम वसूलते थे।
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