बिचपुरी। कृषि विज्ञान केंद्र में चल रहे पांच दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को समापन हुआ, जिसमें किसानों को मशरूम उत्पादन, पशुपालन और अन्य कृषि गतिविधियों से आमदनी बढ़ाने के तरीके सिखाए गए। समापन पर 120 किसानों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिए गए।
राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए पशुपालन विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र सिंह चौहान ने वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन, उन्नत नस्ल, संतुलित आहार और टीकाकरण पर जोर दिया। साथ ही बकरी के दूध के पोषण महत्व के बारे में भी बताया। उद्यान विशेषज्ञ अनुपम दुबे ने मशरूम उत्पादन की तकनीक और व्यावसायिक संभावनाओं पर प्रकाश डाला। वहीं, शस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अंकुर त्रिपाठी ने एकीकृत फसल प्रणाली के फायदे बताए। उन्होंने बताया कि संसाधनों के बेहतर उपयोग से लागत घटाता है और किसानों की आय में बढ़ोतरी होती है।