कासगंज। खेतों में रबी की फसल पकी खड़ी है तो कहीं काटी जा चुकी है, लेकिन आजकल आसमान में मंडराने वाले काले बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार देर शाम आई आंधी और बूंदाबांदी से किसानों की फसल में नमी से नुकसान हुआ है।
खेत और खलियान में तैयार फसल के समय आंधी और बूंदाबांदी होने से किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं। गेहूं के साथ तंबाकू की फसल को भी नुकसान की आंशका है। सोमवार रातभर तेज आंधी चली और मंगलवार सुबह बूंदाबंादी से गेहूं की फसल में नमी आ गई है। इससे थ्रेसिंग होने में दिक्कत आएगी। जो फसलें खलियान में है, उनमें पैदावार प्रभावित होना तय है। आंधी से खेतों में कटी फसल भी दूसरे खेतों में जा पहुंची है। किसान हर देव सिंह, रामौतार सिंह का कहना है कि बूंदाबांदी से फसलों में नमी आ गई है। थ्रेसिंग होना आसान नहीं है। यदि तेज बारिश हो गई तो गेहूं की पैदावार काफी हद तक गिर जाएगी।
गिरे पेड़, शहर से गांव तक ब्लैक आउट
आंधी व बूंदाबांदी से मौसम सुहावना हो गया है, लेकिन कई क्षेत्रों में पेड़ गिर गए। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के कई इलाकों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। शहर फीडर के अलावा नवाबगंज फीडर, नमैनी फीडर, रेलवे फीडर एवं कस्बा सहावर, सोरों क्षेत्र के फीडरों की आपूर्ति रातभर प्रभावित रही।
आज भी हो सकती है बूंदाबांदी
मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार मंगलवार की रात और बुधवार को भी बूंदाबांदी के आसार हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। मंगलवार को दिन में 18 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलीं।
एक नजर पैदावार पर
- 96000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की फसल तैयार।
- 5000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में जौ फसल की तैयार।
- 5500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तंबाकू की फसल।
- बूंदाबांदी से फसलों की थ्रेसिंग में समस्या आएगी। किसान खलियानों में एकत्रित फसल को खेत में फैलाकर सुखाएं फिर मढ़ाई कराएं।
सुमित कुमार, जिला कृषि अधिकारी।
आंधी के चलते गिरा पंडाल, मची भगदड़
मिरहची। जिन्हैरा मेला महोत्सव में सोमवार रात को आयोजित रसिया दंगल के दौरान आई तेज आंधी ने कार्यक्रम में पानी फेर दिया। आंधी से लगा पंडाल गिर गया। दरअसल, सोमवार रात में ग्राम प्रधान की ओर से मेला के अवसर पर आयोजित विशाल रसिया दंगल में गुलजारी लाल अलीगढ़ और किशन शर्मा टीम का जवाबी मुकाबला हो रहा था । इस दौरान आई आंधी से मेला ग्राउंड में भगदड़ मच गई और कुछ लोग मामूली घायल हो गए। कार्यक्रम बीच में ही बंद होने से आस-पास क्षेत्र से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग मायूस हो गए। वहीं दोनों टीमों को मेला कमेटी ने बराबर पुरस्कार प्रदान किया।
बंदी दिवस के रूप में मनेगा मतदान का दिन
एटा। मतदान की तारीख 18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 29 अप्रैल को बंदी दिवस के रूप में मनाया जाएगा। श्रम प्रवर्तन अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने सभी वाणिज्यिक अधिष्ठानों के स्वामियों को व्यापार बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
मौसम का रुख भांप दिन-रात फसल काटने में जुटे किसान
एटा। बूंदाबांदी और काले बादलों को देखकर आमजन भले ही गर्मी से राहत मिलने से खुश हो, लेकिन किसानों की बेचैनी बढ़ गईं हैं। खेतों पर गेहूं की फसल पकी खड़ी है, जिसे किसान काटने में लगे हुए हैं। किसानों ने अब कटाई का समय और बढ़ा दिया है।
तेज हवाओं के साथ बादलों का गरजना और फिर बूंदाबांदी शुरू हुई तो किसान खेतों में गेहूं कटाई के लिए पहुंच गए। जलेसर व जैथरा क्षेत्र में सुबह से काले बादल छाए रहे। किसान सुबह से ही खेतों पर पहुंच गए थे।
अभी आधे से ज्यादा गेहूं कटाई को पड़ा है। इस बार गेहूं देर में पका था, इसलिए समय से कटाई नहीं हो पाई। आसमान में काले बादल छाए हैं। बारिश हुई तो बहुत नुकसान होगा।
- रवेन्द्र कुमार, किसान।
परिवार सहित गेहूं की फसल की कटाई में लगे हुए हैं, लेकिन मौसम को देखते हुए मजदूरों को भी लगा लिया है। मजदूरों के साथ कार्य जल्दी हो जाएगा।
-ओम प्रकाश शाक्य, किसान।