मैनपुरी। थाना किशनी क्षेत्र में आठ साल पहले रतनेश चतुर्वेदी की हत्या करने के तीन आरोपियों को जिला जज ने आजीवन कारावास सुनाई है। साथ ही उन्होंने उन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। सजा सुनाने के बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
रतनेश की हत्या के मुकदमे की सुनवाई जिला जज बिजेंद्र सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने हत्या के संबंध में गवाही दी। गवाही के आधार पर तीनों को रतनेश की हत्या करने का दोषी पाया गया। डीजीसी वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की दलील दी। जिला जज ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना किशनी क्षेत्र के गांव शमशेरगंज निवासी रतनेश चतुर्वेदी 15 अप्रैल 2011 की रात को गांव में चल रहे मेला को देखने गए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार मेले से उसको बहला फुसलाकर गांव के अभिषेक उर्फ छुट्टना, गोलू गुप्ता, गोलू के रिश्तेदार गांधी गुप्ता निवासी रुरुगंज औरैया अपने साथ ले गए। मेला परिसर में ही तीनों ने उसकी पीट पीटकर हत्या कर दी। जानकारी होने पर रतनेश के पिता मुन्नालाल गुप्ता ने तीनों के खिलाफ थाना किशनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। थानाध्यक्ष आरपी सिंह ने विवेचना करने के बाद तीनों को दोषी पाकर उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।