वृंदावन (मथुरा)। वृंदावन का संत समाज भी प्रयागराज कुंभ में शोभा बढ़ाएगा। वृंदावन के विभिन्न अखाड़ों से जुड़े संत नौ जनवरी को वृंदावन से प्रयागराज कुंभ के लिए प्रस्थान करेंगे। अधिकांश अखाड़ों से जुड़े संतों ने पूर्व में ही भूमि आरक्षित करा ली है और उनके खालसा प्रयागराज कुंभ स्थल पर लग गए हैं। वृंदावन के संत-महंत सवा माह तक कुंभ में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगे। संतों के अखाड़ों के नेतृत्व में सैकड़ों भक्त भी महाकुंभ में शिरकत करेंगे।
कार्ष्णि नागेंद्र दत्त गौड़ ने बताया कि कुंभ में अध्यात्म की गंगा में डुबकी लगाने के लिए सभी संत-महंत लालायित हैं। उन्होंने बताया कि स्वामी कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज नौ जनवरी को श्रीगुरु कार्ष्णि कुंभ मेला शिविर सेक्टर सात प्रयागराज कुंभ के लिए प्रस्थान करेंगे।
उन्होंने बताया कि श्रीगुरु कार्ष्णि शिविर में योग गुरु बाबा रामदेव का योग शिविर लगाया जाएगा। वहीं दलाई लामा, जगद्गुरु रामभद्राचार्य, गोविंद देव गिरी, कृष्णचंद्र शास्त्री, स्वामी ज्ञानानंद, रमेश भाई ओझा, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज और पुंडरीक गोस्वामी अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को लाभान्वित करेंगे।
कुंभ में छोटे ठाकुर हरिवल्लभ महाराज रासलीला की रासमंडली द्वारा रासलीला का आयोजन होगा। महंत लाड़िलीशरण दास महाराज ने कहा कि प्रयागराज की भूमि पर आयोजित कुंभ की विशालता ब्रज संस्कृति एवं परंपराओं की ही भांति अमूर्त है। बताया जा रहा है महंत सुतीक्ष्णदास, महंत फूलडोल बिहारीदास, सुंदरदास महाराज, सच्चिदानंददास महाराज, महंत संतदास, डॉ. राकेश हरिप्रिया, महंत जगन्नाथानंद आदि भी नौ जनवरी को कुंभ के लिए प्रस्थान करेंगे।