अमांपुर थाना क्षेत्र में सात दिन पूर्व मिले महिला के शव की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने महिला की हत्या के मामल में उसके पति और शादी कराने वाले एक बिचौलिया को गिरफ्तार किया है। हत्या से 10 दिन पूर्व ही महिला के साथ हत्यारोपी युवक ने पनैठी जनपद अलीगढ़ के मंदिर में शादी रचाई थी। पत्नी को रिश्ता स्वीकार नहीं था। इस कारण उसकी हत्या की गई।
जनपद हाथरस के सिकंदराराऊ के ग्राम लिहा निवासी रूबी की शादी 21 जून को चीनू पुत्र गिरीश निवासी लच्छमपुर थाना अमांपुर के साथ ग्राम पनैठी थाना अकराबाद के मंदिर में हुई थी। यह शादी लिहा गांव के सत्येंद्र पुत्र ओमवीर एवं मुन्नी देवी पत्नी बाबू सहिं ने कराई थी। शादी के बाद चीनू रूबी को लेकर अपने गांव लच्छमपुर आ गया। रूबी को शादी स्वीकार नहीं थी। विरोध करने पर चीनू ने शराब पीकर रूबी के साथ मारपीट भी की। इस पर रूबी ने चीनू के साथ रहने से इंकार कर दिया। एएसपी डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि चीनू और उसके पिता गिरीश चंद्र ने रूबी के पत्नी के रिश्ते न निभाने की शिकायत शादी के बिचौलिया सत्येंद्र एवं मुन्नी देवी से की। वे दोनों भी लच्छमपुर आ गए। 30 जून को रूबी को काफी समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह चीनू के साथ रहने को तैयार नहीं थी। इस पर चीनू उसके पिता गिरीश, बिचौलिया सत्येंद्र और मुन्नी देवी ने रूबी की रात को हत्या कर दी और शव को ले जाकर नगला देसी की झाड़ियों में फेंक दिया। इस दौरान आरोपी रूबी की सलवार को केरोसिन में भिगोकर जलाने की कोशिश कर रहे थे तभी एक वाहन वहां से गुजरा, जिसे देखकर आरोपी भाग गए। पुलिस ने चीनू और सत्येंद्र को गिरफ्तार कर लिया जबकि मुन्नी देवी और गिरीश फरार हैं। एसपी शिवहरि मीणा ने पुलिस टीम को 5 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
6 माह पूर्व भी चीनू ने रचाई थी शादी
कासगंज। एएसपी डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी ने रूबी की हत्या के मामले का राजफाश करते हुए बताया कि आरोपी चीनू काफी शातिर है। करीब छह माह पूर्व उसने एक और महिला से शादी रचाई थी । नशे की हालत में वह पहली पत्नी के साथ भी मारपीट करता था। शादी के कुछ दिन बाद ही वह चीनू को छोड़कर चली गई।