फिरोजाबाद। जिला अस्पताल में जल्द ही डायलिसिस यूनिट की स्थापना होगी। इसके लिए शासन से हरी झंडी मिल गई है। सदर विधायक ने डायलिसिस यूनिट स्थापित करने के लिए विधानसभा में मामला उठाया था।
सदर विधायक मनीष असीजा ने विधानसभा में जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट स्थापित करने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि 25 लाख की जनसंख्या वाले जनपद के जिला अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले नागरिकों के लिए किडनी (गुर्दा) संबंधित इलाज की कोई सुविधा नहीं है। इस कारण औद्योगिक नगर के गरीब श्रमिकों एवं नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के अंतर्गत जिला अस्पताल परिसर में डायलिसिस यूनिट लगवाने के लिए प्रत्यावेदन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा 14 जुलाई 2017 के द्वारा महाप्रबंधक प्रोक्योरमेंट राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को प्रेषित किया जा चुका है। जिला अस्पताल में तत्काल डायलिसिस यूनिट स्थापित करने की जरूरत है। इसके जवाब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट के लिए 28 दिसंबर को धनराशि अवमुक्त कर दी गई है।
सदर विधायक मनीष असीजा ने विधानसभा में अधिवक्ताओं के चैंबर निर्माण का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा फिरोजाबाद में उप्र. राजकीय निर्माण निगम मैनपुरी द्वारा 100 अधिवक्ता के चैंबर्स का निमाण कार्य धनाभाव के कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। अवशेष धनराशि मुक्त करने के लिए डीएम ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि डीएम के पत्र 11 नवंबर 17 के साथ आगणन प्राप्त न होने के कारण शासन द्वारा पुनरीक्षित आगणन सहित प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिए थे।
डीएम द्वारा आठ फरवरी को अधूरे 100 अधिवक्ता चैंबर्स के निर्माण के लिए प्रस्ताव प्राप्त हो गया है, लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा प्रेषित आगमन एवं डीएम द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में अंतर होने के कारण स्थित स्पष्ट कराने, तथा पूर्व में स्वीकृत धनराशि उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को डीएम को पत्र भेजा है। स्थिति स्पष्ट होने पर निर्माण कार्य पूर्ण कराने के लिए शीघ्र धनराशि स्वीकृत की जाएगी।