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आठ डाक्टरों के सहारे चल रहा जिला अस्पताल

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ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश अस्पताल रहते हैं बंद - फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
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जिले में स्वास्थ्य सेवा बदहाल स्थिति में हैं। ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की बात करें तो स्थिति बहुत दयनीय है। चिकित्सकों की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश अस्पताल बंद रहते हैं, जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल चालू होने के बाद भी मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है। जिला अस्पताल के लिए चिकित्सकों के 34 पद स्वीकृत हैं इनमें से मात्र आठ चिकित्सक ही तैनात हैं। जबकि अस्पताल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इलाज के अभाव में उन्हें दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है।
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बंद पड़े रहते हैैं उप स्वास्थ्य केंद्र
जिले में महिलाओं के प्रसव के लिए 161 उप स्वास्थ्य केंद्र बने हुए हैं। इन पर एएनएम नहीं पहुंचती। जिससे ये उप स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े रहते हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए काफी दिक्कतें होती है। परिवारीजन उनको ब्लॉक स्तरीय अस्पताल या फिर निजी चिकित्सक के यहां ले जाते हैं। कई बार तो रास्ते में ही प्रसव हो जाता है।
जनपद में नहीं है एक भी चिकत्साधीक्षक तैनात
जिले में चिकित्साधीक्षक के पांच पद हैं, लेकिन इनमें से एक भी पद पर कोई तैनात नहीं। जनपद में जो चिकित्सक मौजूद हैं उनमें से ही इस पद की जिम्मेदारी सौंपकर काम चलाया जा रहा है। इस कारण ये चिकित्सक भी मरीजों को देखने के लिए अपना पूरा समय नहीं दे पाते।
विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद चल रहे रिक्त
जिले में सर्जन, निश्चेतक, फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ के 20 पद हैं। इनमें से बाल रेाग विशेषज्ञ का एक पद भरा हुआ है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का भी काफी असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। स्त्री रोग विशेषज्ञ के पांच पदों में से तीन ही भरे हुए हैं। अस्पतालों पर फिजिशियन तक की कमी है।
ज्वाइन करने के बाद नहीं आए चिकित्सक
शासन से जनपद को जनवरी माह में जनपद को छह नए चिकित्सक मिले। इन सभी चिकित्सकों ने अपनी ज्वाइन भी कर लिया लेकिन इनमें से तीन महिला व एक पुरुष चिकित्सक आज तक अपनी ड्यृटी पर नहीं लौटे।
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चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए शासन को डिमांड भेजी गई। इसके बाद जनपद को कई नए चिकित्सक शासन से उपलब्ध कराए जा चुके हैं। जिला अस्पताल के लिए चार माह पहले पांच चिकित्सक मिले थे। जिनमें से तीन ने ज्वाइनिंग कर ली। इसके बाद फिर से 6 चिकित्सक जनपद को मिले। सभी ने ज्वाइन तो किया, लेकिन चार चिकित्सक इसके बाद अपनी ड्यूटी पर नहीं आए।
ये है स्थिति
-पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
-दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
-महिला अस्पताल।
-ग्रामीण क्षेत्रों में
-29 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।
-चिकित्सकों के स्वीकृत पद 93 हैं लेकिन 20 चिकित्सक ही इन अस्पतालों पर तैनात हैं।
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