फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा मंगलवार को सख्ती के साथ शुरु हो गईं। केंद्रों पर सख्ती के कारण परीक्षार्थियों में खौफ दिखाई दिया। परीक्षा के पहले दिन तमाम अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। बाहरी स्कूल के लिए बनाए कक्ष निरीक्षक के केंद्रों पर नहीं पहुंचने स्रे व्यवस्थापकों को परेशानी हुई। पहले दिन पहली पाली में 4756 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी।
बोर्ड परीक्षा के पहले दिन सुबह की पाली में हाईस्कूल गृहविज्ञान की परीक्षा हुई। पंजीकृत 14,565 में से 12,203 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। 2,362 परीक्षार्थी ने परीक्षा छोड़ी। हाईस्कूल गृहविज्ञान बालक में पंजीकृत नौ परीक्षार्थी में से सिर्फ एक परीक्षार्थी उपस्थित हुआ। सुबह की पाली में इंटरमीडिएट की हिंदी विषय की परीक्षा हुई। पंजीकृत 11,369 में से 2386 परीक्षार्थी अनुपस्थित मिले।
वहीं दूसरी पाली में सामान्य हिंदी की परीक्षा हुई। इस पाली में परीक्षा केंद्रों पर भीड़ दिखाई दी। प्रभारी डीआईओएस केके यादव एवं डीआईओएस रितु गोयल ने दीनबंधु इंटर कालेज उसायनी, तिलक इंटर कालेज, पीडी जैन इंटर कालेज के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
सचल दल प्रभारी ओमकार सिंह के निर्देशन में फरिहा क्षेत्र के विद्यालय का निरीक्षण किया। वित्त लेखाधिकारी मदमोहन ने जसराना क्षेत्र के परीक्षा केंद्र देखे। नगर मजिस्ट्रेट शीतला प्रसाद यादव ने दाऊदयाल इंटर कालेज, तिलक इंटर कालेज में परीक्षा का जायजा लिया। अन्य प्रशासनिक अधिकारी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे।
पहली बार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षार्थियों एवं शिक्षकों में सबसे ज्यादा खौफ तीसरी आंख का रहा। वैसे तो परीक्षार्थी बात करने की हिम्मत जुटा लेते थे, मगर परीक्षा की रिकार्डिंग हो रही थी तो गर्दन हिलाने में भी परीक्षार्थी हिचकिचा रहे थे।
जिस मंशा से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, वह पहले दिन काफी हद तक सफल साबित हुए। यहां तक कक्षाओं में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी घूमते नजर आते थे, वे भी कैमराें से बचने के लिए अंदर नहीं गए। अगर परीक्षार्थी के मन में सबसे ज्यादा खौंफ था तो वह सीसीटीवी कैमरों का ही था।
कई परीक्षार्थियों ने कापी कोरी छोड़ दी, मगर पड़ोस में बैठने वाले परीक्षार्थी से सवाल पूछने या तांकाझांकी करने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। क्लास में ड्यूटी दे रहे कक्ष निरीक्षकों की भी डर था कि दफ्तर में बैठकर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही यह रिकार्डिंग जमा भी की जाएगी।
इस बार छात्र संख्या अधिक होने और नकल को रोकने के लिए बाहरी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। मगर कक्ष निरीक्षक ड्यूटी करने नहीं पहुंचे। सबसे ज्यादा धोखा बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने दिया। कक्ष निरीक्षकों के नहीं पहुंचने से केंद्र व्यवस्थापकों के होश उड़ गए। बाद में दो की जगह एक कक्ष निरीक्षक को तैनात किया गया। अधिकारियों को केंद्र व्यवस्थापकों ने शिक्षकों की समस्या को बताई। इसके बाद डीएम के निर्देशन पर एबीएसए को पत्र लिखा गया कि वे शिक्षकों को परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के लिए निर्देशित करें।
जिले का सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र एमजी इंटर कालेज है। मगर इस केंद्र पर पहली पाली में पुलिस सुबह 8.30 बजे के बाद पहुंची। शिक्षक भीड़ को संभालते रहे। अन्य केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से लगाई पुलिस व्यवस्था पूरी तरह फेल दिखी। पुलिस कर्मी डयूटी पर देरी से पहुंचे।
मूल्यांकन केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल के साथ परीक्षा की सीडी जमा करने के निर्देश दिए थे। कालेज संचालक सीडी बनवाने में जुटे रहे। इससे सुबह 10.45 बजे खत्म होने वाली परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं दोपहर 2.45 तक आईं। इसके बाद निर्देश दिए कि सुबह की पाली की सीडी शाम को जमा कराएं। जबकि शाम की सीडी सुबह जमा कराई जाए।
एमजी गर्ल्स इंटर कालेज में प्रश्नपत्र देखकर छात्रा की हालत बिगड़ गई। छात्रा परीक्षा के दौरान बेंच पर लेटी रही। प्रधानाचार्य पूनम प्रकाश ने सीसीटीवी कैमरे से देखा और कर्मचारी को भेज कर छात्रा की परेशानी पूंछी। उन्होंने कर्मचारी से बीमार छात्रा के लिए परीक्षा कक्ष में चाय भिजवाई। इसके बाद छात्रा ने परीक्षा देनी शुरु की।
यूपी बोर्ड परीक्षाओं का मंगलवार को पहला दिन था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने पीडी जैन इंटर कालेज के गेट पर परीक्षार्थियों के माथे पर चंदन लगा कर परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी। महानगर संगठन मंत्री बृजेश आजाद, शोभा राजपूत, रहनुमा, शिखा कुमारी, अमन चौहान, विशाल, प्रताप सिंह मौजूद रहे।
मंगलवार को सर्दी रही। परीक्षार्थी जूते मोजे पहनकर आए। ऐसे में परीक्षा में सख्ती के कारण परीक्षार्थियों के जूते मोजे कक्षा के बाहर उतरवा दिए। पैर जमीन में रखने पर परीक्षार्थी सर्दी महसूस कर रहे थे।
जसराना क्षेत्र नकल के लिए बदनाम है। जहां खुलेआम पास कराने के ठेके उठते रहे हैं। वही पैसे के दम पर कापियां बनतीं रहीं हैं। मंगलवार को शुरु हुई बोर्ड परीक्षा में बदला नजारा दिखाई दिया। केंद्र व्यवस्थापकों के चेहरे पर हवाईयां उड़ी दिखाई दीं। कमरों में कक्ष निरीक्षक के रुप में तैनात शिक्षक एवं सहायक केंद्र व्यवस्थापक के रुप में लगाए गए सरकारी शिक्षक खुश नजर आए। केंद्रों के आसपास मौजूद लोगों को थाना प्रभारी ने दौड़ाया। मौजूद लोगों की वीडियाग्राफी भी की गई।
पत्नी को शिक्षा दिलाने के लिए एक पति सजग दिखाई दिया। जसराना के श्री भूपाल सिंह इंटर कालेज के बाहर एक व्यक्ति बच्चे को खिला रहा था। व्यक्ति ने बताया कि उसकी पत्नी केंद्र पर परीक्षा दे रही है।