फिरोजाबाद। जसराना के पूर्व ब्लाक प्रमुख डा.रामपाल पर हमला के मामले में पूर्व विधायक रामवीर यादव को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। कोर्ट ने दो सप्ताह में न्यायालय में समर्पण करने के आदेश दिए हैं।
जसराना ब्लाक प्रांगण में पांच नवंबर 2007 को पूर्व ब्लाक प्रमुख डा.रामपाल सिंह यादव अपने साथी शशि यादव एवं वीरपाल प्रधान मचन के साथ बैठे हुए थे। विपक्षियों की ओर से विवाद के दौरान फायरिंग कर दी गई थी। इसमें रामपाल व शशि यादव गोली लगने से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान थाना मटसेना के सिकेहरा निवासी शशि यादव की मौत हो गई थी। हत्या का मुकदमा सपा के पूर्व विधायक रहे रामवीर सिंह समेत आठ के खिलाफ दर्ज हुआ था।
रामवीर सिंह यादव ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था। स्टे का समय समाप्त हो जाने के बाद अक्तूबर माह में सीजेएम न्यायालय से पूर्व विधायक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। इस आदेश के खिलाफ पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट की शरण ली,लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली तो सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचे।
24 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश एके सिकरी और अशोक भूषण की बेंच ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए दो सप्ताह में कोर्ट में समर्पण करने के आदेश दिए हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामपाल सिंह ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देते हुए पूर्व विधायक से जान को खतरा बताया। शिकायती पत्र में कहा कि घटना के बाद से पूर्व विधायक द्वारा पैरोकारी बंद करने को दबाव बनाया जा रहा है।