आगरा। यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए चालू सत्र में जिले में 14 डिबार विद्यालयाें को परीक्षा केंद्र बना दिया है। केंद्र निर्धारण के संबंध में आदेश जारी किया गया है कि वर्ष 2015, 2016 और 2017 में डिबार केंद्रों को चालू सत्र की परीक्षा के लिए केंद्र न बनाया जाए। बावजूद इसके वर्ष 2016 के लिए डिबार घोषित किए गए विद्यालयाें के नाम सूची में शामिल कर लिए गए हैं।
बोर्ड ने जिले में परीक्षा के लिए 176 केंद्रों की सूची जारी की थी। इन पर आपत्तियां और प्रत्यावेदन मांगे गए। 450 के करीब प्रत्यावेदन और आपत्तियां दी गईं। मंगलवार को जिलाधिकारी गौरव दयाल की अध्यक्षता में जिला परीक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें बताया गया कि वर्ष 2016 के लिए बोर्ड की ओर से जिले में 57 डिबार विद्यालयों की सूची दी गई है। उसमें से 14 विद्यालयाें का नाम परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डा. विनोद कुमार राय का कहना है कि परीक्षा समिति का प्रस्ताव बोर्ड को भेजा जाएगा। इसमें शासनादेश और बोर्ड की ओर से जारी डिबार विद्यालयों की सूची का जिक्र किया जाएगा। जिन विद्यालयाें का नाम सूची में शामिल है, उनका कहना है कि उन्हें वर्ष 2011 में पांच वर्ष के लिए डिबार किया गया था। इसकी जानकारी भी बोर्ड को दी जाएगी। इनको परीक्षा केंद्र बनाए रखने या हटाने जाने का निर्णय बोर्ड स्तर से ही लिया जाएगा।
नौ सहायता प्राप्त विद्यालय केंद्रों को बदला जाएगा
नौ सहायता प्राप्त विद्यालयों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों को बदला जाएगा। विद्यालय प्रधानाचार्यों ने आपत्ति देकर परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। संबंधित विद्यालय के भवन जर्जर हैं या फिर संसाधन पर्याप्त नहीं हैं। इनकी जगह राजकीय कन्या इंटर कालेज नैनाना जाट, गढ़ी चंद्रमन और आंवलखेड़ा सहित छह अन्य राजकीय विद्यालयाें को केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव बोर्ड को भेजा जा रहा है।