मैनपुरी। शासन द्वारा 10 हजार मानदेय देने के निर्णय के खिलाफ गुरुवार को दूसरे दिन भी शिक्षा मित्रों का आंदोलन जारी रखा। दूसरे दिन शिक्षा मित्रों ने कलक्ट्रेट पर जमकर हंगामा काटा। इसके बाद सड़क पर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शिक्षामंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाली। बीएसए कार्यालय परिसर में इस पुतला को जलाया।बीएसए कार्यालय में तालाबंदी भी की। जहां पुलिस के साथ इनकी नोक-झोंक भी हुई। शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी प्रभारी बीएसए को सौंपा।
समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षा मित्र सरकार से अपनी स्थाई नौकरी की मांग कर रहे थे। शासन ने उनकी समस्या का उचित निदान करने का आश्वासन दिया था। पर, मंगलवार को प्रदेश कैबिनेट ने मात्र 10 हजार रुपये मानदेय का फैसला सुना दिया। जिसे लेकर शिक्षामित्रों में आक्रोश है।
गुरुवार को शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हेम सिंह यादव व प्रदेश महिला प्रभारी सुमन यादव के नेतृत्व में कलक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में सभी एकत्रित हुए। जिलाध्यक्ष हेम सिंह ने कहा कि अब शिक्षा मित्रों ने प्रदेश सरकार से आर पार की लड़ाई का एलान कर दिया है।
जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष शुभम शक्ति भदौरिया ने कहा कि शिक्षा मित्रों को जब तक न्याय नहीं मिलेगा यह आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश महिला प्रभारी ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा मित्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन चाहिए।
बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी के बाद प्रभारी बीएसए को ज्ञापन सौंपा। धरना प्रदर्शन के दौरान अशोक कुमार, विनीत चौहान, अवनीश यादव, नवीन पाठक, पिंकी राठौर, अजय यादव, हरवीर सिंह, संजू चौहान, रिंकी, संध्या चौहान, राजा ठाकुर सहित सैकड़ों शिक्षा मित्र मौजूद रहे।
गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान शिक्षामित्रों ने तिकोनिया पार्क में ही मुख्यमंत्री के प्रतीकात्मक अंगवस्त्र के रूप में भगवा कपड़ों की होली जलाई। वहीं कुरावली रोड कलक्ट्रेट चौराहे पर लगभग आधा घंटे तक जाम लगाया। इसके बाद शिक्षामित्र कलक्ट्रेट से पीपरा घाट रोड पर प्रदर्शन करते हुए देवी रोड पहुंचे। मदार दरवाजे पर भी शिक्षामित्रों ने करीब 20 मिनट तक जाम लगाए रखा।
शिक्षामित्रों के आंदोलन पर जाने से एक बार फिर जिले के 169 स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इन स्कूलों में अब भी केवल शिक्षामित्र ही तैनात थे। उनके प्रदर्शन से शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने इन स्कूलों के संचालन की चुनौती खड़ी हो गई है।
क्षेत्र के आधा दर्जन स्कूलों में शिक्षा मित्रों के आंदोलन के कारण गुरुवार को ताला लटकते रहे। इसमें प्राथमिक विद्यालय पृथ्वीपुर, प्राथमिक विद्यालय कुडरा, प्राथमिक विद्यालय रायहार, प्राथमिक विद्यालय गोकुलपुर व प्राथमिक विद्यालय डबरा आदि शामिल हैं।
मामले में बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि बंद स्कूलों को खुलवाने के लिए संकुल प्रभारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षकों की कमी के कारण दिक्कत आ सकती है।