मैनपुरी। डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम को सजा सुनाने के बाद हरियाणा में हुई हिंसा का असर मैनपुरी के बिछवां क्षेत्र में बने उनके अनुयायियों के आश्रम पर देखने को मिला। वहां सन्नाटा पसरा रहा। वहीं बिछवां थाना क्षेत्र के साथ ही जिले भर में पुलिस टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया। हालांकि देर रात तक कहीं से भी कोई अप्रिय घटना का समाचार नहीं मिला। वहीं एसपी राजेश यादव ने बताया कि हरियाणा में हिंसा के बाद जिले भर में सतर्कता बरती जा रही है।
जिले में डेरा सच्चा सौदा के बिछवां स्थित एक मात्र आश्रम पर भी पुलिस और खुफिया विभाग की नजरें जमी रहीं। इस आश्रम से क्षेत्र के करीब सौ परिवार जुड़े हुए हैं। इसके चलते कोर्ट का निर्णय आने के साथ ही यहां पर विशेष नजर रखी गई। लोगों ने बताया कि इस आश्रम से जुड़े लोग पहले ही हरियाणा के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि उन्होंने हरियाणा जाने वाले लोगों के नाम नहीं बताए।
वहीं हरियाणा में हिंसा के बाद जिले भर में पुलिस को हाईअलर्ट पर कर दिया गया। पूरी फोर्स को पिकेट में जगह-जगह गश्त करने और संदिग्धों की चेकिंग करने के निर्देश दिए। हालांकि देर शाम तक जिले में कहीं भी कोई अप्रिय घटना होने या फिर प्रदर्शन की कोई खबर नहीं मिली है।
एसपी राजेश एस ने बताया कि हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है।
सन 2009 में रामरहीम मैनपुरी भी आए थे। यहां उन्होंने अपने अनुयायियों को संबोधित किया थौ। तब आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां आए थे। उस समय कार्यक्रम के बाद फेंका हुआ भोजन खाने से कई गायों की मौत भी हो गई थी।
शुक्रवार शाम को हरियाणा के पंचकुला में बाबा राम रहीम को सजा सुनाने के बाद हुई हिंसा से क्षेत्र से बांगर तीर्थ करने गए जीजा-साले फंस गए हैं। उनके फंसने से परिजनों का बुरा हाल है। फंसे हुए लोगों ने फोन कर अपने सुरक्षित होने की सूचना दी तब परिजनों को सांत्वना मिली।
बुधवार को क्षेत्र के असैंधी निवासी सत्यप्रकाश जीजा औंछा थाना क्षेत्र के उद्देतपुर परमकुटी निवासी राजपाल सिंह उर्फ राजू ठेकेदार के साथ राजस्थान के बांगर गोगामेड़ी में जाहरवीर महाराज की यात्रा पर गए थे। शुक्रवार की सुबह जाहरवीर के दर्शन के बाद उन्हें शाम को ट्रेन से रेवाड़ी हरियाणा होते हुए लौटना था। शुक्रवार दोपहर तीन बजे जैसे ही डेरा सच्चा के बाबा राम रहीम को कोर्ट ने आरोपी करार दिया। पंचकूला में हिंसा शुरू हो गई।
इससे सत्यप्रकाश व उनके जीजा राजपाल गोगामेड़ी में फंस गए। क्योंकि वापसी में आने के लिए हरियाणा होकर आना पड़ेगा। जबकि हरियाणा के कई जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। सत्यप्रकाश की पत्नी रेखादेवी, पुत्र प्रशांत, हर्ष व पुत्री प्राची का यह सुनकर बुरा हाल हो गया।
वहीं सत्यप्रकाश की बहन रचना, बेटे अनुराग, सुमित, अंकित का भी रोरोकर बुरा हाल है। शुक्रवार शाम को दोनों की परिवारीजनों से बात हुई। सत्यप्रकाश ने बताया कि हिंसा शांत होने पर ही वह लोग घर के लिए आएंगे। उधर उनके परिजन हरियाणा हिंसा की खबरें टीवी पर देख-देखकर दुखी हो रहे थे।