मथुरा। मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी) 15 अगस्त को मनाया जाएगा। इस उत्सव को लेकर मंदिरों, आश्रमों में तैयारियां अपने चरम पर हैं। शहर को सजाया जा रहा है। जगह-जगह स्वागत द्वार बन रहे हैं।
मथुरा के प्रमुख मंदिर श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारिकाधीश मंदिर, वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी जी मंदिर, इस्कॉन, प्रेम मंदिर, ठाकुर राधारणम मंदिर सहित मथुरा के सभी प्रमुख मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव 15 अगस्त की मध्यरात्रि मनाया जाएगा।
ज्योतिष आचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया ज्योतिष गणित के अनुसार इस बार भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय न तो रोहिणी नक्षत्र होगा और न ही अष्टमी होगी। लेकिन सूर्योदय के समय 15 अगस्त को अष्टमी होगी ऐसे में मथुरा के अधिकांश मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव इसी दिन मनाया जा रहा है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी विजय बहादुर ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव 15 अगस्त को मनाया जाएगा।
इस दिन प्रात: नौ बजे लीला मंच पर महंत नृत्य गोपाल दास महाराज द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। सायं पांच बजे नगर में भव्य शोभायात्रा निकलेगी और मध्यरात्रि भागवत भवन में जन्माभिषेक होगा। वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत गौरव गोस्वामी, ठाकुर राधारमण मंदिर के गोस्वामी पदमनाभ ने बताया कि 15 को भगवान श्रीकृष्ण को जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।
द्वारिकाधीश मंदिर के विधि अधिकारी राकेश तिवारी ने बताया कि उनके यहां 15 अगस्त को प्रात: दस बजे राजभोग दर्शनों में विशेष शृंगार के दर्शन होंगे। रात्रि में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ जन्माभिषेक होगा।