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मान्यता का प्रमाण दिखाने के लिए दो दिन

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आगरा। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) बिना मान्यता के संचालित स्कूलाें की जन शिकायतों के आधार पर जांच करा रहे हैं। इसके लिए छह टीमें लगाई गई हैं। जांच रिपोर्ट आने लगी है। जीआईसी शाहगंज के प्रधानाचार्य ने तीन स्कूलों की रिपोर्ट दी है। कोई भी स्कूल की मान्यता संबंधित कागज नहीं दिखा पाया। इनके नियम विरुद्ध संचालित होने की रिपोर्ट दी गई है। संबंधित स्कूलाें को दो दिन का समय मान्यता के प्रमाण दिखाने के लिए दिया गया है।
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डीआईओएस डा. विनोद कुमार राय का कहना है कि जिलाधिकारी के आदेश पर शिकायताें की जांच कराई जा रही है। कई स्कूल नियम विरुद्ध (बिना मान्यता) संचालित पाए जा रहे हैं। इनके यहां पर्याप्त और प्रशिक्षित शिक्षक नहीं हैं। जीआईसी प्रधानाचार्य अरुण कुमार सिंह की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कालेज संचालकाें और प्रधानाचार्य को नोटिस भेजा गया है।

दो दिन का मौका दिया जा रहा है, यदि निर्धारित समय में वह मान्यता के प्रमाणपत्र नहीं उपलब्ध कराते तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित अवधि तक स्कूल की मान्यता की प्रति न उपलब्ध कराने पर स्कूल से एक लाख रुपये या फिर 10 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूल किया जाएगा। अवैध संचालित स्कूल को तत्काल प्रभाव से बंद करने के लिए कहा गया है। आदेश की अवहेलना करने पर एफआईआर की बात कही गई है।
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इन स्कूलों की दी रिपोर्ट
- मां सावित्री फुले पब्लिक स्कूल, मन्हैला, बरौली में कक्षा एलकेजी से 10 तक की कक्षाएं संचालित होती पाई गईं। एलकेजी व यूकेजी में 37 विद्यार्थी थे। अध्यापिका भारती अप्रशिक्षित पाई गईं। कक्षा एक में 51 विद्यार्थी थे, इसमें भी अप्रशिक्षित अध्यापिका पढ़ा रही थीं। कक्षा दो में 46, कक्षा तीन में 11, कक्षा चार में 20 छात्र-छात्राएं थे, तीनों में अध्यापक नहीं मिले। कक्षा पांच में ब्रह्मजीत को छोड़ अन्य कक्षाआें में या तो अध्यापक नहीं मिले, या अप्रशिक्षित थे। प्रधानाचार्य ने स्वीकार किया कि कक्षा नौ और 10 के छात्राें का पंजीकरण जय हनुमान शिक्षा निकेतन, श्यामो में कराया गया है। विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित पांच का स्टाफ था। स्कूल टिनशेड में संचालित था, विद्यार्थी भूमि पर बैठे थे। सफाई का अभाव था। प्रधानाचार्य से मान्यता के संबंध में पत्राजात मांगे गए तो उन्हाेंने स्कूल को मान्यता न होने की बात कही।

- पीएस हायर सेकेंडरी स्कूल, भोलपुरा में कक्षा एक से 12 तक की कक्षाएं संचालित होती पाई गईं। कक्षा में 10, कक्षा दो में 35, कक्षा तीन में 40, कक्षा चार में 24, कक्षा पांच में 30, कक्षा छह व सात को मिलाकर 25, कक्षा आठ में 30 विद्यार्थी मिले। किसी में भी शिक्षक नहीं मिले। कक्षा नौ में 27 विद्यार्थी, शिक्षक संदीप थे पर अप्रशिक्षित, कक्षा 10 में 56 विद्यार्थी थे, इनको शिवशंकर (एमए, बीएड) पढ़ा रहे थे। कक्षा 11 व 12 में 28 विद्यार्थी, अप्रशिक्षित शिक्षक प्रमोद कुमार पढ़ा रहे थे। विद्यालय को वर्ष 2010 में कक्षा पांच तक की अस्थायी मान्यता बीएसए कार्यालय से दी गई थी। उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। प्रधानाचार्य कक्षा छह से 10 की मान्यता नहीं दिखा पाए। स्कूल को नियमविरुद्ध संचालित पाया गया।

- ओपी हायर सेकेंडरी स्कूल, धनौटा, आगरा में कक्षा एक से 11 तक की कक्षाएं संचालित होती पाई गईं। कक्षा एक में 30 छात्र थे, अध्यापक नहीं मिले। कक्षा दो-तीन में 125 विद्यार्थी थे, नीतू सिंह (बीए, बीएड) पढ़ा रही थीं। कक्षा चार-पांच में 85 छात्रों को स्नेहलता (बीए, बीटीसी) पढ़ा रही थीं। कक्षा छह में 18 विद्यार्थी थे। अध्यापक पंकज (बीएससी, बीएड) मौजूद मिले। बाकी कक्षाओं में अप्रशिक्षित अध्यापक मिले। प्रधानाचार्य से मान्यता के कागज मांगे गए, उन्होंने मान्यता न होने की बात कही। जीआईसी प्रधानाचार्य ने स्कूल को नियम विरुद्ध संचालित बताया।
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