फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो एएसपी और दरोगा के खिलाफ एजेंसी से जांच की संस्तुति

विज्ञापन
police demo pic
विज्ञापन
एटा। आदेश के बाद भी डकैती की रिपोर्ट 18 दिन बाद दर्ज करने की शिकायत को लेकर की गई जांच में दागी दरोगा को बचाने में पूर्व एएसपी और वर्तमान एएसपी क्राइम फंस गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने प्रकरण की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी अथवा एजेंसी से कराने की संस्तुति कर शासन को पत्र भेजा है।
विज्ञापन


जैथरा निवासी बिजेंद्र सिंह के साथ डकैती की वारदात होने पर मानवाधिकार आयोग और सीओ के आदेश पर 18 दिन लेट रिपोर्ट दर्ज करने का मामला सपा सरकार में दब गया, लेकिन सत्ता बदलते ही मामले ने तूल पकड़ लिया है। बिजेंद्र सिंह की शिकायत पर जांच में पूर्व अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में दरोगा कैलाश चंद्र दुबे को बचाने के लिए दिए गए तर्क किसी के गले नहीं उतरे।

मामले की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने शासन से किसी वरिष्ठ अधिकारी अथवा एजेंसी से जांच कराने की संस्तुति कर दी है। ऐसे में वर्तमान एसएसपी क्राइम अनूप कुमार, तत्कालीन एएसपी विसर्जन सिंह यादव और जैथरा थाने के तत्कालीन एसओ कैलाश चंद्र दुबे फंसते नजर आ रहे हैं। एसएसपी ने शासन को प्रेषित पत्र में लिखा कि अधिकारी एएसपी विर्सजन सिंह यादव और एसपी क्राइम अनूप कुमार ने दरोगा कैलाश चंद्र दुबे के खिलाफ अलग-अगल जांच की। इसके बाद भी जांच रिपोर्ट कट-पेस्ट जैसी बना कर दरोगा को बचाने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें