फिरोजाबाद। सुहागनगरी के उद्यमियों ने कांच उद्योग से जुड़ी समस्याएं मंगलवार को लखनऊ में मुख्य सचिव के समक्ष प्रमुखता से उठाईं। उद्यमियों ने कहा कि टीटीजेड की बंदिशों के कारण नए उद्योगों पर बिना किसी कारण रोक लगा दी गई है। उद्योग हित में रोक को हटाया जाए।
सदर विधायक मनीष असीजा के नेतृत्व में यूपीजीएमएस व दि ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट के पदाधिकारियों ने लखनऊ में मुख्य सचिव राजीव कुमार से मुलाकात की। उद्यमियों ने बताया कि टीटीजेड अथॉरिटी से जनवरी-15 से नए उद्योगों की स्थापना एवं विस्तारीकरण पर रोक लगा रखी है।
टीटीजेड की बंदिशों के चलते कांच उद्योग प्रभावित हो रहा है। करोड़ों के सेटअप तैयार हैं, परंतु गैस नहीं मिल रही। प्रमुख उद्यमी संजय अग्रवाल ने बताया कि कांच उद्योग से होने वाले प्रदूषण के लिए नीरी एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट भी आ चुकी है। उक्त रिपोर्ट में बढ़ते प्रदूषण का मुख्य कारण कांच उद्योग को नहीं माना है। नीरी एवं मंत्रालय कमेटी रिपोर्ट आने के बाद भी नई इकाइयों पर लगी रोक नहीं हटाई जा रही है। नगर विधायक मनीष असीजा ने चूड़ी उद्योग एवं कार्यरत श्रमिकों की समस्या उठाई।
इसके उपरांत उद्यमियों ने गेल द्वारा लगाए गए 26 प्रतिशत टैक्स के मामले में अतिरिक्त मुख्य सचिव संस्थागत वित्त आरके श्रीवास्तव से मिलकर समस्या बताई। उन्होंने कहा कि एक लाख टैक्स में बढ़ोत्तरी होने से कांच उद्योग नहीं चल जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि इसका प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा जा रहा है। करीब एक सप्ताह में प्रक्रिया पूरी होने के बाद टैक्स की दरें कम हो सकती हैं।
प्रतिनिधि मंडल में यूपीजीएमएस के अध्यक्ष राजकुमार मित्तल, प्रदीप गुप्ता, संजय अग्रवाल, दीपक गुप्ता बिटिया, दि ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट के डायरेक्टर हनुमान प्रसाद गर्ग, अनिल जैन पिंकी, मोहम्मद इस्लाम, राकेश अग्रवाल शामिल थे।
े