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पुल निर्माण में काली नदी के रेत का इस्तेमाल

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बिछवां (मैनपुरी)। गांव नगला कांकन में काली नदी पर बन रहे पुल पर नदी की रेत का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। काली नदी से लाई गई रेत के इस्तेमाल से क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि मानकाें की अनदेखी कर बनाया जा रहा पुल लोगों के लिए मौत का पुल साबित होगा। जिला प्रशासन से इस ओर ध्यान दिए जाने व जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
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गांव नगला कांकन के समीप क्षेत्रीय लोगों की मांग पर सपा सरकार में काली नदी पर पुल बनाने की स्वीकृत मिली थी। करीब एक वर्ष से कार्यदायी संस्था उत्तरप्रदेश राज्य सेतुनिगम लिमिटेड सेतु निर्माण इकाई इटावा पुल का निर्माण करा रहा है। एक वर्ष में कार्य पूरा होना था लेकिन सेतु निगम अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के काम आधा भी नहीं हुआ है। पुल निर्माण में जमकर धांधली की जा रही है। नदी की रेत का प्रयोग किया जा रहा है। जब मौके पर जाकर जानकारी ली गई तो वहां कमियां ही कमियां नजर आईं। वहां न तो सेतु निगम को कोई अधिकारी न कर्मचारी मौजूद था। सिर्फ मजदूर काम में लगे हुए थे। मजदूरों से जब जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि अधिकारी के निर्देशों पर ही वह काम करते हैं। पुल निर्माण में हो रही इस लापरवाही से क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है। ग्रामीण कोतवाल सिंह का कहना है कि जिस पुल में काली नदी की रेत का प्रयोग किया जा रहा है। वह पुल कब और कितने दिनों तक टिकेगा ये तो आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है।

क्षेत्रीय निवासी राकेश कुमार, शिवपाल सिंह, सोबरन सिंह, संतोष कुमार, रविंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर निर्माण कार्य में बरती जा लापरवाही की जांच कराने की मांग की।
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