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आलू के बाद किसानों को रुला रही मूंगफली

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मंडी में लगे मूंगफली के ढेर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। किसान को इस बार मूंगफली की पैदावार रुला रही है। बारिश के चलते मूंगफली की फसल खराब हो गई है। मूंगफली काली हो जाने से किसान को उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। मंडी में रोजाना हजार से डेढ़ हजार क्विंटल तक मूंगफली बेचने के लिए किसान पहुंच रहे हैं। मौसम की मार के चलते मायूस होकर कम कीमत पर ही उपज बेचकर घर लौट रहे हैं।
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जिले में इस बार किसानों ने 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की फसल की है। एक अनुमान के मुताबिक एक हेक्टेयर में 21 क्विंटल मूंगफली की पैदावार होती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में किसानों ने इस बार 10 लाख क्विंटल से अधिक मूंगफली की फसल पैदा की है। मूंगफली की फसल खोदाई के बाद हुई बारिश से खराब हो गई है। मूंगफली काली तथा खराब हो जाने से किसान को उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है आढ़तिया भी कम कीमत पर ही फसल खरीद रहे हैं। आलू के बाद मूंगफली की गिरी कीमतों ने किसानों के चेहरे का रंग उड़ा दिया है। मूंगफली के गिर रहे भाव से किसान परेशान हो गया है। जिले में इस बार मूंगफली की बंपर पैदावार हुई है।

बारिश ने फेरा अरमानों पर पानी
नगला धुरा निवासी किसान नेत्रपाल सिंह का कहना है उनके 10 बीघा खेत में इस बार मूंगफली की बहुत अच्छी पैदावार हुई है। खेत में खोदाई के बाद हुई बारिश से फसल खराब हो गई है। उनको मुनाफा तो दूर लागत तक निकालना मुश्किल हो रहा है। नगरिया अंगौथा निवासी किसान राकेश का कहना है आठ बीघा खेत में बड़े अरमानों के साथ मूंगफली बोई थी। फसल अच्छी हुई मगर बारिश ने अरमानों पर पानी फेर दिया। मंडी में 1500 से 1700 रुपया प्रति क्विंटल के भाव से ही पैदावार बेचना मजबूरी बन गया है।
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गुणवत्ता के आधार पर मिलती कीमत
आढ़ती अनिल कुमार का कहना है मूंगफली की गुणवत्ता के आधार पर ही खरीद की जा रही है। अच्छी किस्म की मूंगफली 2800 से 3200 रुपये क्विंटल तक खरीदी जा रही है। जब किस्म ही खराब है तो अच्छी कीमत मिलने की गुंजाइश ही नहीं है। आढ़तिया दिनेशचंद्र का कहना है मंडी में रोजाना लगभग 40 हजार से 45 हजार बोरा तक की आवक हो रही है। एक बोरा में 35 किलो मूंगफली आती है। अधिकांश किसान की मूंगफली काली हो जाने से कीमत कम मिल रही है।

जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा का कहना है कि इस बार मूंगफली की पैदावार अच्छी हुई है। बारिश के चलते 10 से 12 प्रतिशत तक मूंगफली खराब होने की संभावना है। मंडी में अचानक मूंगफली के भाव कम होना चिंता का विषय है। एक हेक्टेयर में 21 क्विंटल तक मूंगफली होती है। जबकि जिले में किसानों ने 50 हजार हेक्टेयर में मूंगफली की फसल की है।
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