एटा। शासन ने ग्राम पंचायतों को हैंडपंपो को रीबोर कराने और अस्थायी मरम्मत कराने के आदेश दिए हैं। शासन ने कार्य के लिए जल निगम को कार्यदायी संस्था बनाया है। दोनों का खर्च निकाय और ग्राम पंचायतें अपनी निधि से देंगी।
जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में 34000 से अधिक हैंडपंप हैं। इनमे से 3000 हैंडपंप को महीनों से रीबोर का इंतजार है। वहीं 4000 के करीब हैंडपंपों की अस्थायी मरम्मत होनी है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग लगातार ग्राम प्रधानों और निकायों में शिकायतें दर्ज करा हैंडपंप सही कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
अब शासन ने जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र में खराब हैंडपंप ग्राम पंचायत निधि से सही कराने के निर्देश दिए हैं। हैंडपंप को रीबोर और अस्थायी मरम्मत कराने का खर्च ग्राम पंचायतें और स्थानीय निकाय वाहन करेंगे। हैंडपंप रीबोर करने के लिए शासन ने जल निगम को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया है। शासन के आदेश पर जिले में 200 नए हैंडपंप भी लगने की तैयारी हो रही है। इसको लेकर जिला योजना समिति की बैठक में भी नोकझोंक हो चुकी है।
रीबोर और अस्थायी मरम्मत कराने का आदेश जारी हुआ है। प्रकिया कैसे पूरी होगी, इसकी गाइड लाइन अभी तक नहीं आई है। गाइड लाइन आने के बाद हैंडपंप को रीबोर और मरम्मत का काम शुरू होगा।
जेएस भाटी
अधिशासी अभियंता
जलनिगम एटा