टूंडला/नगला बीच (फिरोजाबाद)। थाना पचोखरा के गांव नगला अजब में हुए संघर्ष के बाद भय से पलायित हुए परिवारों को लेकर गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई। टूंडला में आयोजित इस पंचायत में दोनों ओर से लिखित समझौता हुआ। तय किया गया कि दोनों पक्ष रिपोर्ट वापस लेंगे। साथ ही पलायित परिवारों को भी वापस लाया जाएगा।
नगला अजब गांव से छह परिवारों के पलायन की जानकारी के बाद बुधवार को प्रशासन ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की थी। लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया था। इसके साथ ही दोनों पक्षों में पंचायत के माध्यम से विवाद को सुलझाने एवं पलायित हुए परिवारों को वापस लाने के प्रयास शुरू हो गये थे।
पलायित हुए परिवारों ने दबंगों के डर से गांव छोड़ने की बात की थी, तो प्रशासन ने पलायित हुए परिवारों को एफआईआर के डर से भागने का दावा किया था। फिलहाल गुरुवार को टूंडला के हाईवे रीजेंसी पर दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई। इसमें दोनों पक्षों ने बातें रखीं। साथ ही विवाद खत्म करने के लिए तय हुआ कि दोनों पक्ष अपनी रिपोर्ट वापस ले लेंगे। पलायित परिवारों को वापस लाया जायेगा। यही नहीं दोबारा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने का संकल्प भी लिया गया।
वहीं थाना पचोखरा के गांव नगला अजब में प्रशासन के आश्वासन के बावजूद महिलाओं के दिलों से खौफ कम नहीं हुआ है। महिला मुन्नी देवी, पिंकी, निर्मला देवी ने दो टूक कहा है कि वे गांव में सुरक्षित नहीं है। उन्होंने जो भी सहा है, उससे उन्हें नहीं लगता कि वे इज्जत के साथ इस गांव में रह पाएंगी। महिलाओं ने कहा कि अब तो पंचायत हो या राजीनामा उन्हें गांव में नहीं रहना है।
बता दें कि शुक्रवार की रात नगला अजब में दुष्कर्म की कोशिश के बाद सविता और यादव समाज के दो पक्षों में संघर्ष हो गया था। इस बारह लोग घायल हो गये थे। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने से एक पक्ष पर दूसरे पक्ष ने परेशान करना शुरू कर दिया था। वहीं पुरुषों को पकड़कर पीटना, गाली-गलौज करने के साथ ही जान से मारने की धमकी देने से सविता समाज के परिवारों में भय व्याप्त हो गया। परिवार की महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए अवधेश कुमार, राज बहादुर, विपिन कुमार, दलेल सिंह, सुरजीत सिंह, उदयवीर सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, धनपाल आदि परिवार और मवेशियों के साथ गांव से चले गए।
इधर, एसओ प्रवेश कुमार का कहना है कि पंचायत में कुछ भी तय हुआ हो, मामले में पीड़िताओं के बयान दर्ज होंगे। इसके बाद जो भी मामला सामने आएगा, उसके तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।