मथुरा। ब्रिटिश हुकूमत के दौरान प्रभावी रही निर्माण नियमावली को अब बदल दिया गया है। 93 साल पुरानी नियमावली के स्थान पर छावनी परिषद सिविल एरिया कमेटी ने निर्माण को लेकर नए नियम तय किए हैं।
बुधवार को छावनी परिषद सिविल एरिया कमेटी की बैठक में 1924 में प्रभावी हुई निर्माण नियमावली को बदला गया। इसके लिए एक माह पूर्व मांगी गई आपत्तियाें का कॉलम खाली रहा। इसके बाद निर्माण नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया गया। इसके बाद नई नियमावली प्रभावी कर दी गई है।
इसके मुताबिक अब 50 वर्ग मीटर तक निर्माण करने पर 95 प्रतिशत कवर्ड एरिया रहेगा। 50 से 100 वर्ग मीटर पर 80 प्रतिशत व 100-200 वर्ग मीटर पर 75 प्रतिशत कवर्ड, 200-300 वर्ग मीटर 70 प्रतिशत, 300-500 वर्ग मीटर में 65 प्रतिशत व 500-1000 वर्ग मीटर पर 55 प्रतिशत ही कवर्ड एरिया रहेगा।
इसके अलावा 100 वर्ग मीटर के निर्माण पर भू-स्वामी 8 मीटर ऊंचाई तक निर्माण कर सकेगा। इससे अधिक पर 15 मीटर ऊंचाई तक निर्माण होगा। 150 वर्ग मीटर भू-क्षेत्र में नक्शा की स्वीकृति के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग व सोलर वेल्टिक सिस्टम का प्रावधान करना होगा। व्यापारिक प्रतिष्ठान के निर्माण में 60 प्रतिशत क्षेत्र खुला रखना होगा।
नक्शा स्वीकृति के चार्ज में भी परिवर्तन किया गया है। इसके अलावा भूमिगत नाले के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष केपी सिंह तथा संचालन सीईओ कौशल गौतम ने किया। बैठक में मदन मोहन कन्नौजिया, सुभाषचंद्र यादव, अनुसिंह एड, वीरेंद्र सिंह, जेई मुनीश वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।