आगरा में एक छत के नीचे आईएएस व आईपीएस से लेकर हर विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में भी जन समस्याएं हल नहीं हो पा रहीं। शनिवार को संपूर्ण समाधान तहसील दिवस में 14 दिन पुरानी 7 शिकायतें अधूरी मिलीं। 114 नई शिकायतें आईं, जिनमें मौके पर 6 मामलों के निस्तारण का दावा है। निस्तारण से असंतुष्ट फरियादी बार-बार तहसील में चक्कर काट रहे हैं।
चार दिसंबर को आयोजित तहसील में कुल 99 शिकायतें आई थीं। जिनका सात दिन में निस्तारण होना था, लेकिन 14 दिन बाद भी शनिवार को सात शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ। सोमवार तक ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लक्ष्मी एन ने संबंधित विभागध्यक्षों से जवाब मांगा है। जिनमें पांच शिकायतें पुलिस, एक-एक जिला उ्दयोग केंद्र व जिला विद्यालय निरीक्षक की शामिल है। इनके अलावा 114 नए मामलों में सबसे ज्यादा 36 राजस्व विभाग से संबंधित हैं। जिनमें सरकारी व निजी जमीनों पर अवैध कब्जे, निर्माण, खेत व भूमि की पैमाइश, खसरा खतौनी में नामांतरण शिकायत आई हैं।
शमसाबाद रोड निवासी इंद्र प्रकाश शनिवार को पांचवी बार प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को शिकायत सौंपते हुए कहा, मैडम नाली नहीं होने से गली में दो-दो फुट गंदगी बहती है। मुझसे बिना मिले और बात किए शिकायत का निस्तारण कर दिया गया। मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं। तोरा निवासी मनोज कुमार ने दूसरी बार प्र्रार्थना पत्र दिया। सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के लिए कोई नहीं पहुंचा। बार-बार हमें चक्कर काटने पड़ रहे हैं।