मथुरा। आने वाले 15 सालों तक मथुरा जनपद में बिजली की ओवरलोडिंग नहीं होगी। जनपद में नए बिजलीघरों के बन जाने के चलते डिमांड के हिसाब से तीन गुना बिजली का लोड सहने की क्षमता हो जाएगी।
जनपद में देहात क्षेत्र में 33 केवी के 51 तथा शहर में 17 बिजलीघर हैं। वहीं पारेषण द्वारा मांट में 400 केवी, छाता व रामगढ़ी बाजना में 220, 220 केवी के बिजलीघर बनाए गए हैं। इसके अलावा पहले से 220 केवी गोकुल, 132 केवी औरंगाबाद, 132 केवी जचौंदा गोवर्धन, 132 केवी कोसीकलां तथा 132 केवी के बिजलीघर वृंदावन पागलबाबा पर बने हैं।
इसके अलावा 132 केवी सौंख, 132 केवी फरह तथा 132 केवी का बिजलीघर कोटवन में प्रस्तावित हैं। दो साल में यह बिजलीघर बनकर तैयार हो जाएंगे। एसई देहात विनोद कुमार गंगवार व एसई शहर अजय गर्ग ने बताया कि वर्तमान में गरमियों में मथुरा जनपद के 3.85 लाख उपभोक्ताओं द्वारा की जाने वाली बिजली की खपत 188 मिलियन यूनिट तक पहुंची है। दो साल में जब सभी बिजलीघर तैयार हो जाएंगे तो मथुरा जनपद के बिजलीघरों की क्षमता 600 मिलियन यूनिट से अधिक होगी। बताया कि आने वाले 15 सालों में कनेक्शन धारक आठ लाख होंगे, इतनी बिजली वितरण को सहने को मथुरा का बिजली सिस्टम सक्षम होगा।