मैनपुरी। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने अपने आवास पर प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने प्रमुख सचिव स्टांप एवं निबंधन हिमांशु कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भी भेजा है। शनिवार को उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वर्ष 2011 में उनके द्वारा एनआरएचएम घोटाले के खुलासे के लिए कदम उठाए गए थे। उसी समय बसपा सरकार ने हिमांशु कुमार को निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य के पद पर तैनात कर दिया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके द्वारा उठाई गई आवाज को दबाने के लिए हिमांशु कुमार ने पद का दुरुपयोग कर उनके खिलाफ षड़यंत्र रचते हुए तीन फर्जी मुकदमे 10,13 एवं 14 जून 2011 को मैनपुरी कोतवाली में दर्ज कराए थे। उन्होंने कहा कि सूचना अधिकारी के तहत उनके द्वारा मांगी गई जानकारियों के बाद पता चला है कि हिमांशु कुमार ने सफेदपोश लोगों को बचाने के लिए उन पर कार्रवाई कराई। वे न्यायालय में अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसमें हिमांशु कुमार अपने पद का दुरुपयोग कर बाधा बन रहे हैं। मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि हिमांशु कुमार को उनके पद से हटाते हुए उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच कराकर कार्रवाई की जाए।