पटियाली (कासगंज)। आर्थिक तंगी से परेशान होकर एक दिव्यांग ने अपने ऊपर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली। चीखपुकार आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने आग बुझाकर युवक को अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां से गंभीर हालत में युवक को अलीगढ़ रेफर कर दिया गया।
सिकंदरपुर वैश्य के नगला बैरू निवासी दिव्यांग मुन्ने (42) पुत्र इशरार के पास रहने के लिए पक्की छत तक नहीं है। वह झोंपड़ी डालकर वह अपने परिवार के साथ जीवन रहता है। पैरों से लाचार होने के कारण वह कामकाज नहीं कर पाता है।
आर्थिक तंगी के चलते गुरुवार दोपहर अपने ऊपर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली। यह नजारा देखकर उसके सात वर्षीय बेटे ने शोर मचा दिया। बच्चे की चीखपुकार पुकार सुनकर ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद आग को बुझाकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया गया।
शासन की योजनों की खुली हकीकत
पटियाली। दिव्यांग युवक के आग लगाने की घटना ने शासन की योजनाओं की हकीकत की कलई खोल दी। शासन से दिव्यांग के लिए पेंशन योजना लागू है, लेकिन इसका लाभ आज तक नहीं मिला। गरीबों के लिए लागू आवास योजना के लिए अपनी ट्राईसाइकिल के सहारे चक्कर काटते थक गया, लेकिन अधिकारियों को उस पर तरस नहीं आया। उज्ज्वला योजना का लाभ भी उसे नहीं मिला है। शासन की योजना के नाम पर मात्र उसे राशन ही मिल पाता है।
युवक के आग लगाने के बाद चेता प्रशासन
पटियाली। दिव्यांग युवक के आग लगाने की घटना की जानकारी के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने परिवार को ठंड से बचाने के लिए कंबल वितरित किए। इसके साथ ही अन्य व्यवस्थाएं भी की।
चार बच्चों की हो चुकी है मौत
पटियाली। दिव्यांग के पांच बच्चों में चार बच्चे पैदा हुए, लेकिन गरीबी ने चार बच्चों को छीन लिया। बच्चों के बीमार होने पर वह उनका इलाज नहीं करा सका और बच्चों की मौत हो गई। अब उसके पास एक बेटा ही है, जो मात्र सात साल का है।
दिव्यांग युवक का नाम गरीबी रेखा की पात्रता सूची में नहीं है। इस कारण उसे आवास नहीं मिल सका है।
मुनव्वर खां, खंड विकास अधिकारी पटियाली
दिव्यांग युवक के परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। पेंशन के लिए बीडीओ को निर्देश दे दिए गए हैं।श्
धीरेंद्र सिंह एसडीएम पटियाली