कासगंज। सड़कों एवं खेतों में विचरण कर रहे गोवंश मुसीबत बनते जा रहा हैं। गोवंश के संरक्षण के लिए जनपद में गौ संरक्षण केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए पटियाली के ग्राम नवादा में पांच हेक्टेअर भूमि चयनित की गई है।
जनपद में मात्र दो पंजीकृत गोशालाएं हैं। इनमें से एक कासगंज और एक गंजडुंडवारा में हैं। कासगंज में बनी गोशाला में लगभग 250 गोवंश के रहने की व्यवस्था है। वहीं गंजडुडवारा में 120 गोवंश रहने की व्यवस्था है। गायों के वृद्ध होने अथवा दूध न देने की स्थिति में पशुपालक गायों को खुला छोड़ देते हैं। वहीं बछड़े और साड़ भी बड़ी संख्या में सड़कों और खेतों में विचरण करते हैं। किसानों की फसलें इन गोवंश के द्वारा बर्बाद की जाती हैं। इसके चलते किसान परेशन हैं और कई बार समस्या से निजात दिलाने के लिए अधिकारियों को शिकायती पत्र दे चुके हैं। इधर, सड़कों पर विचरण करने वाले गोवंश भी आए दिन हमला कर लोगों को घायल कर देते हैं। अब ऐसे गोवंश के लिए गोसंरक्षण केंद्र के बनाए जाएगा। इसके लिए पांच हेक्टेअर में 1.20 करोड़ रुपये की लागत से गोसंरक्षण केंद्र का निर्माण किया जाएगा।
यूपीआरएनएसएस करेगी गोसंरक्षण केंद्र का निर्माण
कासगंज। गोसंरक्षण केंद्र के लिए कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को नामित किया गया है। मानक के अनुसार संस्था द्वारा केंद्र का निर्माण कराया जाएगा।
चार शेड का किया जाएगा निर्माण
कासगंज। गोवंश के रहने के लिए 14000 वर्ग फुट में चार शेड का निर्माण कराया जाएगा। वहीं एक बड़ा भूसा का गोदाम एवं 10000 लीटर क्षमता की पानी टंकियों का निर्माण किया जाएगा। पानी के लिए सोलर सबसर्सिबल पंप लगाया जाएगा।
गोसंरक्षण केंद्र के लिए जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। पहली किश्त शासन से निर्गत कर दी गई है। शीघ्र गोसंरक्षण केंद्र का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
- राजेंद्र खोखर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, कासगंज