गड्ढों की वजह से रास्ते में ही हो गया असमय प्रसव, नवजात की मौत
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एटा। थाना मलावन के सोंहार रसूलपुर निवासी महिला अपने पति के साथ शहर अल्ट्रासाउंड कराने आ रही थी। रास्ते में गड्ढे में बाइक जाने से गर्भवती को झटका लगा। उसने रास्ते में ही एक बच्चे को जन्म दिया। वहां से गुजर रहीं महिलाओं ने पहले उसे संभाला, बाद में एंबुलेंस की मदद से महिला को अस्तपाल में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सकों ने नवजात को मृतक घोषित कर दिया।
मलावन के गांव सोंहार रसूलपुर निवासी आर्यन अपनी पत्नी गीता को बाइक से लेकर शहर आ रहा था। यहां उसे अपनी पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराना था। आर्यन ने बताया कि वह जब ठंडी सड़क स्थित काली मंदिर के पास पहुंचा तभी गड्ढे में बाइक जाने से गीता को झटका लगा और पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। गीता सात माह की गर्भवती थी। इसके चलते वहां उसकी हालत बिगड़ने लगी तो राह चलती महिलाओं ने उसे संभालने की कोशिश की। जहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया। उधर से 102 एंबुलेंस दूसरी प्रसूता को लेकर आ रही थी। चालक रोबिन ने भीड़ देखी तो एंबुलेंस की गति धीमी कर ली। लोगों ने एंबुलेंस रोक कर जच्चा बच्चा को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।
पहले बच्चे की मां बनने वाली थी गीता
पीड़ित महिला गीता का कहना है कि उसका पहला बच्चा था। इसलिए वह अपनी बहन पिंकी पत्नी श्याम बाबू निवासी बारथर को साथ लेकर अल्ट्रासाउंड कराने जाने की प्लानिंग करके आई थी। लेकिन इससे पहले ही गड्ढों ने उसके बच्चे की जान ले ली। बच्चे को खो देने से परिवार के लोग काफी दुखी नजर आए।
प्रसूता गीता ने काली मंदिर पर सात माह के बच्चे को जन्म दिया था। बच्चे की समय से उपचार न मिलने पर उसकी मौत हुई। वहां से गुजर रही एंबुलेंस के चालक ने अस्पताल में भर्ती कराया है। पीड़िता को स्वास्थ्य लाभ मिल गया है।
डा. प्रदीप कुमार, सीएमएस