फिरोजाबाद। शुक्रवार को गोपाष्टमी है। जिले में गोशाला के लिए बनी योजनाएं अभी तक परवान नहीं चढ़ सकी हैं। आर्यनगर की गोशाला में गायों को सड़ा हुआ भूसा खिलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कान्हा गोशाला बनाने की घोषणा की थी।
फिरोजाबाद में भी कान्हा गोशाला के लिए एक करोड़, 58 लाख का बजट स्वीकृत हुआ। शासन ने अगस्त माह में नगर निगम के खाते में पूरा बजट उपलब्ध करा दिया, परंतु चार माह में भी कार्य शुरू नहीं कर सका।
नगर निगम ने कान्हा गौशाला निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया, परंतु अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। आर्यनगर में बनाई गई गोशाला में तमाम अव्यवस्थाएं हैं।
वर्तमान में यहां 50 गाय हैं, परंतु गायों को अच्छा चारा-पानी तक नसीब नहीं हो रहा। उन्हें सड़ा चारा खिलाया जा रहा है, जिसे खाकर गाय बीमार हो रही हैं। हिंदू युवा वाहिनी कार्यकर्ता अव्यवस्थाओं को लेकर लगातार शासन-प्रशासन से शिकायत कर रहे हैं, परंतु दोषी कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
हिंदू युवा वाहिनी के अध्यक्ष भारत सिंह का कहना है कि आर्यनगर की गोशाला में संगठन द्वारा सभी व्यवस्थाएं की गई हैं, परंतु नगर निगम के कर्मचारी गायों को अच्छा भूसा तक नहीं खिला पा रहे। स्थाई कर्मचारी कई दिनों तक गायब रहते हैं। ठेका कर्मियों से 24 घंटे कार्य कराया जाता है। इसकी शासन तक शिकायत की गई है।
गांधीपार्क स्थित गोशाला प्रभारी राजेश यादव का कहना है कि यहां 150 गाय व बछड़े हैं, जिनको प्रतिदिन अच्छा चारा व स्वच्छ पानी पिलाया जाता है। गोशाला की व्यवस्था दूध बेचकर, दुकानों के भाड़े व दान के पैसे से किया जाता है। वर्तमान में यहां क्षमता से अधिक गाय हैं। नई बिल्डिंग बनने के बाद व्यवस्था हो सकेगी।
मूक पशुओं के लिए काम करने वाले पशु मित्र से सम्मानित राधेलाल तिलकधारी पिछले 26 सालों से निरंतर बीमार गायों की सेवा कर रहे हैं। वह बताते हैं बीमार गायों का सालों से अपने संसाधनों से इलाज करता हूं। कहीं से सूचना मिलने पर तत्काल दुकान बंद कर गाय की सेवा करता हूं।
जिला पशु चिकित्सालय में गायों के रहने और खाने पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। सर्दी, गर्मी, धूप व बारिश के मौसम में खुले में बंधी रहती हैं। प्रशासन को चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार करना चाहिए।