कासगंज। जनपद में गंगा नदी में आई बाढ़ का कहर निरंतर जारी है। प्रभावित इलाके के लोग बेहद परेशान हैं। बुधवार को ईद उल अजहा और कुछ दिन बाद ही रक्षाबंधन का त्योहार है। उफान पर चल रही गंगा को देखते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग बेहद चिंतित हैं। उनके सामने खुशी खुशी त्योहार मनाने का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ की वर्तमान स्थिति को देखते हुए सभी के मन में एक ही सवाल है कि अपने अपने त्योहार कैसे मनाएंगे।
सोमवार को गंगा में 163.55 मीटर के निशान पर जलस्तर था। यही जलस्तर मंगलवार को बना रहा। हालांकि हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा से पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है, लेकिन जलस्तर कम होने का असर बुधवार को भी रह सकता है। इसमें बहुत ज्यादा जलस्तर में कमी होने की उम्मीद नहीं है। प्रभावित इलाकों में हालात जस के तस बने रहेंगे। जब तक गंगा के बांधों से पानी का डिस्चार्ज साधारण फ्लड के दायरे में नहीं आता तब तक प्रभावित हुए 25 से अधिक गांव के लोगों को बाढ़ से राहत मिल पाना मुश्किल है। क्योंकि गांव में भरा पानी तभी वापस हो सकेगा। प्रभावित इलाकों में बाढ़ के हालात विषम हैं। चारों ओर पानी भरा हुआ है। जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त है। ऐसे हालातों में कैसे त्योहार मनाए जाएं। नरदौली, हिम्मत नगर बझेरा, नगला मूंता, नगला नियाजअली, गठौरा सहित तमाम अन्य गांव में मुस्लिम आबादी काफी है जहां पानी भरा हुआ है। इन ग्रामीणों के सामने ईद का पर्व मनाने को लेकर समस्या है। हिम्मतनगर बझेरा के सफरूद्दीन एवं पूर्व प्रधान अलीमुद्दीन ने बताया कि बाढ़ के पानी के कारण गांव का संपर्क कटा हुआ है। बाढ़ के बीच ही ईद मनाई जाएगी। वहीं अजीतनगर के लाखन सिंह, विवेक कुमार ने बताया कि सड़क कटी हुई है। आवागमन प्रभावित है। पानी भरा है, ऐसे में कैसे गांव से बाहर कैसे आया जाया जाए कुछ समझ नहीं आ रहा। बाढ़ के बीच ही घर पर रहकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाना कहीं मजबूरी न हो जाए।
डिस्चार्ज-
नरौरा- 137310 क्यूसेक
बिजनौर- 94838 क्यूसेक
हरिद्वार- 56402 क्यूसेक
कछला गेज- 163.55 मीटर के निशान पर।
- गंगा का जलस्तर मंगलवार को यथावत रहा है, लेकिन हरिद्वार, बिजनौर, नरौरा से डिस्चार्ज में कमी आई है। जिससे आज जलस्तर में गिरावट होने की उम्मीद है। आगामी समय में यदि डिस्चार्ज नहीं बढ़ा तो जलस्तर और कम हो जाएगा। - एके सिंह, सहायक बाढ़ प्रभारी।