मैनपुरी। पीड़ित को तत्काल राहत पहुंचाना सरकारी अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी जिम्मेदारी का निर्वहन करें, संपूर्ण समाधान दिवस में जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं उपस्थित हो किसी भी दशा में अधीनस्थ को न भेजा जाए। शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए, मौके पर जाए बिना कोई भी अधिकारी निस्तारण आख्या न भेजे। सत्यापन में निस्तारण गुणवत्तापूर्ण नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। यह बातें किशनी तहसील में डीएम प्रदीप कुमार ने संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर कहीं।
उन्होंने समाधान दिवस में बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, परियोजना अधिकारी डूडा, सहायक महानिरीक्षक निबंधन, सहायक श्रमायुक्त, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी का एक दिन का वेतन रोक दिया, साथ ही स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शासन के स्पष्ट निर्देश है कि समाधान दिवस में जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहें। इसके बावजूद कुछ अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि वह जनता की शिकायतों के प्रति गंभीर रहें।
थाना दिवस, समाधान दिवस, जनता दर्शन, आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का स्वयं संज्ञान लें और प्रभावी निराकरण कराएं। जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं हैं या जो लोग देवीय आपदा से पीड़ित हैं, उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को सुना। इस मौके पर उपजिलाधिकारी किशनी अशोक प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके पांडेय, परियोजना निदेशक एससी मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. इंद्रा सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप, जिला सेवायोजन अधिकारी उज्जवल कुमार मौजूद रहे।