कोसीकलां (मथुरा)। अमेरिकन किड्स स्कूल में बच्चों को ले जा रही क्वालिस कार बुधवार सुबह टायर फटने से अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी। इसमें 22 बच्चे सवार थे, 11 मामूली चोटिल हो गए। हादसे के बाद बच्चे भयभीत हैं। आठ सीट वाली कार में 22 बच्चे भरे हुए थे, ऐसे में बड़ा हादसा भी हो सकता था। मंगलवार को भी 24 बच्चों को भरकर ले जा रही वैन मांट-वृंदावन मार्ग पर गड्ढे में फंसकर पलट गई थी।
स्कूली कार के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर से अभिभावकों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और राहगीरों ने फंसे बच्चों को जैसे-तैसे बाहर निकाला। दुर्घटना में कशिश, चंचल, भावना, मनोज, कोमल, राधा, नैतिक, मानवेंद्र, अंकित, नमन और रौनक घायल हो गए। सभी बच्चे तीन से 10 वर्ष उम्र के हैं। अभिभावकों ने स्कूल की ओर दौड़ लगा दी, अपने बच्चों को सुरक्षित देख जान में जान आई।
स्कूल प्रबंधक जगदीश प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि पुलिस की मदद से बच्चों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। सभी बच्चे सही सलामत हैं। उधर, इंस्पेक्टर अमित कुमार ने बताया कि क्वालिस को कब्जे में लेकर चालक और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।
क्षमता से कई गुने बच्चे लेकर सड़कों पर भर रहे फर्राटा
शहरी हो अथवा ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय घर से स्कूल तक का सफर बच्चों के लिए जोखिम भरा हो गया है। आठ सीट वाली क्वालिस कार में 22 बच्चों को भरना बच्चों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है।
मंगलवार को मांट-वृंदावन मार्ग पर गड्ढे में पलटी वैन में भी 24 बच्चे भरे हुए थे। रसोई गैस से संचालित प्राईवेट वैन, टेंपो और ई-रिक्शा में क्षमता से कई गुने से अधिक बच्चे भर लिए जाते हैं। इतना ही नहीं इन वाहनों की फिटनेस का भी पता नहीं है और सड़कों पर फर्राटे भरते रहते हैं। कोई जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
क्वालिस के दुर्घटनाग्रस्त होने की जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभियान चलाकर ओवरलोडिंग कर रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मनोज मिश्रा, एआरटीओ प्रवर्तन