एटा। गैर जनपदों के लिए स्थानांतरित शिक्षकों से कार्य मुक्ति के बदले सुविधा शुल्क की मांग कर रही खंड शिक्षा अधिकारी को प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से हटा दिया। 72 टीचर्स की लिखित शिकायत के बाद बीईओ को नोटिस भी जारी किया गया है।
विवादों में रही खंड शिक्षा अधिकारी वंदना सैनी एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गई हैं। नया मामला गैर जनपदों को स्थानांतरित हुए शिक्षकों से रिलीव करने के बदले सुविधा शुल्क वसूलने का है। जिले से अन्य जिलों को स्थानांतरित टीचर्स ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि बीईओ उन्हें कार्यमुक्त करने के बदले पांच हजार रुपये की मांग कर रही हैं। न देने पर वे रिलीविंग कार्रवाई नहीं कर रहीं।
पीड़ित शिक्षक शिक्षिकाओं ने डायट पहुंचकर उप प्राचार्य एवं प्रभारी बीएसए डॉ जितेंद्र सिंह यादव एवं जिलाधिकारी से भी मामले की लिखित शिकायत की। जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए डॉ यादव ने खंड शिक्षा अधिकारी सैनी को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए बीईओ एसपी सिंह को कार्यभार देते हुए स्थानांतरित शिक्षकों की कार्य मुक्ति की कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही डॉ यादव ने बीईओ सैनी को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
बताते चलें कि शुरू से ही विवादों में रहीं सैनी पर निधौली कलां की तैनाती के दौरान भी गंभीर आरोप लगे थे। इसकी लिखित शिकायतें तत्कालीन बीएसए से लेकर जिलाधिकारी तक की गई थीं।
शिक्षकों की लिखित शिकायत के बाद बीईओ सैनी से संपर्क की कोशिश की गई। मोबाइल बंद था। घर पर भी ताला लगा था। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद उन्हें हटाते हुए एसपी सिंह को अतिरिक्त प्रभार दिया गया। स्थानांतरित 48 शिक्षकों को कार्य मुक्त किया गया। आरोपों पर बीईओ सेनी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
डॉ जितेंद्र सिंह, प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
भ्रष्टाचार की शिकायतों पर निधौली कलां से हटाई गई बीईओ सैनी अब अवागढ़ में मनमानी कर रही हैं। इससे शिक्षकों का उत्पीड़न एवं विभागीय भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। ऐसी अधिकारी को किसी ब्लाक में तैनाती के बजाय जिले से हटाया जाए। शिक्षक संघ ज्ञापन देकर जिलाधिकारी से ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को जिले से हटाने की मांग करेगा।
राकेश चौहान, जिला संयोजक, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ