मथुरा। शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में एसटीएफ की छापामारी के बाद स्थानांतरित हुए बीएसए संजीव कुमार सिंह का चार्ज अब वरिष्ठ खंड शिक्षाधिकारी लेने को तैयार नहीं हैं। दो खंड शिक्षाधिकारियों को भी कार्य मुक्त नहीं किया गया है। इससे बीएसए कार्यालय में अस्थिरता का माहौल है।
बीएसए आफिस पर एसटीएफ की छापेमारी ने शिक्षा विभाग में खलबली मचा दी है। शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े से जुड़े विभागीय गिरोह के सभी सदस्य भूमिगत हो गए हैं। घरों पर ताले जड़े हैं। बीएसए संजीव कुमार सिंह भी अब सहायक उपशिक्षा निदेशक के पद पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद स्थानांतरण होने के बाद चार्ज छोड़ने की फिराक में हैं, लेकिन वरिष्ठ खंड शिक्षाधिकारी फर्जीवाड़े के चलते बीएसए का चार्ज लेने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में संजीव कुमार सिंह किसी कनिष्ठ खंड शिक्षाधिकारी को मनाने में जुटे हैं।
इधर, फर्जीवाड़े में सबसे अधिक तैनाती देने वाले छाता और नंदगांव के खंड शिक्षाधिकारी विनोद चौधरी भी हापुड़ के लिए चार्ज छोड़ने की जल्दबाजी में हैं। राकेश कुमार का भी स्थानांतरण अलीगढ़ जनपद में हुआ है। बीएसए ने इन्हें गुरुवार को कार्य मुक्त नहीं किया है।
चार नए एबीएसए आए
संजीव कुमार सिंह के स्थानांतरण के बाद शासन ने बीएसए के पद पर कोई नई तैनाती नहीं की है। लखीमपुर खीरी से सुरेंद्र पाल, हापुड़ से गजेंद्र सिंह, हाथरस से अखिलेश यादव, सहारनपुर से राजमोहन को खंड शिक्षाधिकारी के पद पर मथुरा भेजा गया है।