वृंदावन (मथुरा)। अक्षय तृतीया पर्व की तैयारियों को लेकर पुलिस प्रशासन ने तैयारियां कर लीं हैं। 18 अप्रैल को अक्षय तृतीय पर वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में व्यापक सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को तीन जोन और सात सेक्टर में बांटा है। हर जोन की जिम्मेदारी एएसपी और सेक्टर की जिम्मेदारी सीओ को सौंपी गई है।
सुरक्षा के लिए तीन एएसपी, सात सीओ, 12 एसएचओ, 50 उपनिरीक्षक, 200 कांस्टेबल और महिला कांस्टेबल, 20 ट्रैफिक पुलिस के जवान, एक कंपनी पीएसी तैनात की गई है। बम स्क्वॉड तैनात किया गया है। बांकेबिहारी मंदिर के साथ ही राधावल्लभ मंदिर, राधारमण, राधादामोदर, राधा श्यामसुंदर, प्रेम मंदिर और इस्कॉन सहित अन्य मंदिरों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
फोगला आश्रम में हुई बैठक में एसपी सिटी श्रवण कुमार, एसपी ट्रैफिक डा. ब्रजेश कुमार और सीओ सदर ने अधीनस्थों को दिशा निर्देश दिए।
अक्षय तृतीय पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं के जूते, गौतम पाड़ा तिराहे, विद्यापीठ, सनेह बिहारी मंदिर और वीआईपी रोड पर बनाए जा रहे जूताघर पर उतारे जाएंगे।
बांकेबिहारी के सुबह चरण, शाम को सर्वांग दर्शन होंगे
वृंदावन। अक्षय तृतीय पर्व पर (आज) जन-जन के आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज सुबह पीत वस्त्र धारण कर चरण दर्शन और सायं कालीन बेला में सर्वांग दर्शन देंगे। सेवायत ठाकुरजी को गर्मी से बचाव के लिए चंदन को गुलाब जल, इत्र आदि का मिश्रण कर ठाकुरजी के श्रीअंग पर लेपन करेंगे। वहीं ठाकुरजी को सत्तू के लड्डू और शर्बत निवेदित किए जाएंगे।
इसके साथ ही ठाकुरजी के श्री चरणों में सोने चांदी की पाजेब धारण कराई जाएंगी। यह जानकारी मंदिर सेवायत रघु गोस्वामी ने दी। वहीं मंदिर में सुरक्षा के दृष्टिगत अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी बुलाए गए हैं। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के 18 अप्रैल बुधवार को अक्षय तृतीया पर सुबह लगभग 7:45 बजे ठाकुरजी के पट खुलेंगे। शाम को लगभग 5:30 बजे दर्शन खुलेेंगे। अक्षय तृतीया पर शाम को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में फूलबंगले नहीं सजाए जाएंगे।
वन वे रहेगी दर्शन व्यवस्था
वृंदावन। अक्षय तृतीया पर चरण दर्शन के लिए ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ के दबाव को देखते वन वे व्यवस्था ही रहेगी। श्रद्धालुओं को गेट नंबर 2, 3 और 5 से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि श्रद्धालुओं को गेट एक और 4 से निकाला जाएगा।