एटा/जैथरा/अलीगंज/मारहरा।
मौसम के बदले मिजाज ने बुधवार को किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी। सुबह हुई झमाझम बारिश और ओलों ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं दिनचर्या अस्त व्यस्त होने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही बारिश के चलते किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखाई दीं। गेहूं की कटाई के दौरान हुई बारिश से किसानों को फसल के नुकसान होने का डर सताता रहा।
बुधवार को मौसम का मिजाज बदलता नजर आया। सुबह से ही शुरू हुई तेज बरसात ने जहां तापमान गिर गया। वहीं ओले गिरने से किसानों के चेहरे पर चिंता छा गई। आलम यह रहा कि किसान गेहूं की फसल के खराब होने को लेकर चिंतित रहे। उधर, बारिश के चलते लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। सुबह बच्चे बारिश में भीगते हुए स्कूल पहुंचे, तो अधिकांश विद्यालयों में रैनी डे घोषित कर दिया गया। बारिश के दौरान भीगने से बचने के लिए लोग सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ लगाते नजर आए। बरसात के चलते जलभराव की समस्या ने लोगों की चिंता बढ़ाई। शहर के हाथी गेट, घंटाघर, मेहता पार्क समेत तमाम स्थानों पर जलभराव के हालात रहे। अभी महज 30 फीसदी ही फसल उठ पाई है। जबकि बाकी फसल खेत में पड़ी-पड़ी भीग गई।
मारहरा क्षेत्र में किसान गेहूं की फसल को लेकर चिंतित नजर आए। तमाम खेतों में पानी भरने से किसानों की फसल को नुकसान भी हुआ। किसानों ने बताया कि गेहूं की कटाई के वक्त बारिश से पूरी पैदावार खराब हो जाएगी। किसानों ने काले बादलों को देख प्रार्थनाएं शुरू कर दीं। वहीं बावसा क्षेत्र में ओले पडने से किसान डरे-सहमे दिखाई दिए। फसल को नुकसान से बचाने के लिए किसानों ने तमाम उपाय किए। अलीगंज क्षेत्र में तैयार खड़ी तंबाकू की फसल भी बारिश से प्रभावित होती नजर आई। यहां भी किसान बारिश को लेकर चिंतित नजर आए।
तापमान गिरा, गर्मी से राहत
बुधवार को हुई बारिश के दौरान तापमान गिरने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। इस दौरान सुबह-सुबह लोगों को गुलाबी ठंड का अहसास हुआ। सुबह मार्निंग वॉक पर जाने वाले लोग बारिश के चलते गर्म कपड़े पहनकर निकले। वहीं युवाओं ने बरसात का जमकर आनंद लिया।
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गेहूं की फसल 1.46 लाख हेक्टेयर। 30 फीसदी उठ पाई है। 70 फीसदी खेत में पड़ी है।