मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने जयगुरुदेव समाधि स्मारक का नक्शा अस्वीकृत करने के बाद अब जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था को नोटिस जारी कर दिया है। इसमें निर्माणाधीन स्मारक को लेकर विकास प्राधिकरण की विधिक कार्रवाई से अवगत कराया है।
पिछले दो साल से सुर्खियों में जयगुरुदेव मंदिर के निकट निर्माणाधीन समाधि स्मारक पर अब विकास प्राधिकरण से कार्रवाई की तलवार लटक गई है। वर्ष 2007 में समाधि स्थल से जुड़ी गांव पंचायत महोली की जमीन तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार ने जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था को पट्टे पर दी थी। इसी जमीन पर जयगुरुदेव समाधि स्मारक का निर्माण धर्म प्रचारक संस्था द्वारा कराया जा रहा है।
इसी के नक्शे के लिए पिछले दो साल से विकास प्राधिकरण से लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट तक कानूनी दांव-पेच का दौर चल रहा है। इस दौरान कई बार निर्माण भी रुकवाया गया है। पिछले दिनों शैलेंद्र सिंह चौहान की आपत्ति के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर विकास प्राधिकरण ने अपनी सुनवाई में समाधि स्मारक का नक्शा अस्वीकृत कर दिया था। अब इस पर अग्रिम कार्रवाई करते हुए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था को नोटिस जारी भी कर दिया है। इसमें उपरोक्त निर्माण का हवाला देते हुए हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई विधिक कार्रवाई से अवगत कराया है। विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी ने बताया कि 25 नवंबर को नक्शा अस्वीकृत किया जा चुका है। इस निर्णय के बाद अब अनाधिकृत निर्माण संबंधी नोटिस जयगुरुदेव संस्था को जारी किया है।