ग्राम श्री नगला में बिजली विभाग की लापरवाही से महिला की जान चली गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर दिया। जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई। दो घंटे तक यात्री वाहनों में फंसे रहे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने समझा बुझाकर जाम खुलवाया।
बताया गया है कि राजरानी (50) पत्नी राजाराम निवासी श्री नगला के खेत में बाजरा की नराई का काम चल रहा था। गांव के रमेश, प्रदीप एवं अशोक नराई करके चले गए। राजरानी घास की गठरी को लेकर घर के लिए चल दीं। रास्ते में मक्का के खेत में हाइटेंशन लाइन का तार टूटकर लटका था। राजरानी की गठरी तार से टकराते ही करंट प्रवाहित हो गया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जब राहगीरों ने उन्हें मृत अवस्था में देखा तो महिला के परिजनों की इसकी जानकारी दी। सूचना पर परिवारीजन मौके पर आ गए। काफी संख्या में ग्रामीण भी एकत्रित हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने दोपहर 1.30 बजे उनका शव बदायूं-इटावा हाइवे पर रख कर जाम लगा दिया।
जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। इसके बाद एसडीएम जेनेंद्र सिंह, सीओ कर्मवीर सिंह भी पहुंच गए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसके बाद जाम खुल सका। दोपहर 3:30 बजे जाम खुला। इसके बाद यातायात व्यवस्था सुचारू हो सकी। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एटा भेज दिया।
छह माह में जा चुकी हैं चार जानें
पटियाली। गांव में करंट से मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पप्पू पुत्र रामदास, भूरी पत्नी राम प्रकाश, रीतेश पुत्र अनिल की भी करंट से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि तार टूटने पर विभाग इनको समय से ठीक नहीं कराता। कई दिन तक तार टूटे पड़े रहते हैं। जिनमें करंट रहता है।